IT Stocks: निफ्टी आईटी इंडेक्स में 24 अप्रैल को बड़ी गिरावट आई। इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा और विप्रो में बड़ी बिकवाली दिखी। इस गिरावट ने आईटी शेयरों के निवेशकों को डराया है। कई निवेशकों ने सिप के जरिए आईटी फंडों ने निवेश शुरू किया था। वे जानना चाहते हैं कि उन्हें अपना निवेश जारी रखना चाहिए या रोक देना चाहिए?
पिछले कई महीनों से दबाव में आईटी स्टॉक्स
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटी शेयरों में गिरावट सिर्फ एक दिन की बात नहीं है। पिछले कुछ महीनों से आईटी शेयरों पर दबाव दिख रहा है। भले ही 24 अप्रैल को निफ्टी आईटी इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया, लेकिन इससे पहले से आईटी स्टॉक्स पर दबाव बना हुआ है। शुक्रवार को सबसे ज्यादा करीब 7 फीसदी की गिरावट Infosys के शेयरों में आई। टीसीएफ भी करीब 5 फीसदी क्रैश कर गया। एचसीएल टेक 4 फीसदी और टेक महिंद्रा 4.43 फीसदी फिसला।
इस साल करीब 19 फीसदी टूटा है आईटी इंडेक्स
इस साल आईटी इंडेक्स करीब 19 फीसदी फिसला है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से आईटी शेयरों पर दबाव बढ़ा है। इसमें आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजे और अनुमान से कम ग्रोथ गाइडेंस हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इससे आगे भी आईटी सर्विसेज की डिमांड कमजोर रहने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि आईटी शेयरों के निवेशकों को स्थिति में जल्द बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
शॉर्ट टर्म में आईटी शेयरों को लेकर चिंता
आनंदराठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटी में एसोसिएट अपूर्व खंडेलवाल ने कहा, "कमजोरी देशी और विदेशी कारणों से आ रही है। एक तरफ भारतीय आईटी कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर हैं और गाइडेंस ने निराश किया है तो दूसरी तरफ ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट आई है। इससे ग्रोथ में सुस्ती और एआई का आईटी सेक्टर पर असर का संकेत माना जा रहा है।" उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में आईटी कंपनियों की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
छोटी अवधि के लिए आईटी शेयरों में निवेश से रहें दूर
शेयर डॉट मार्केट में एनालिस्ट्स मयंक जैन ने कहा, "आईटी सेक्टर एक बड़े तूफान का सामना कर रहा है। अगर मार्केट के लिहाज से देखा जाए तो सेंटीमेंट कमजोर है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में स्पष्ट डाउनट्रेंड दिख रहा है। अभी बॉटम के कोई संकेत नहीं दिख रहे। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म इनवेस्टर्स को आईटी शेयरों से दूर रहना चाहिए।" हालांकि, इस मामले में एनालिस्ट्स का राय एक जैसी नहीं है। लेकिन, ज्यादातर का मानना है कि यह आईटी शेयरों में निवेश में सावधानी बरतने का समय है।
टेक्नोलॉजी फंडों में सिप से कर सकते हैं निवेश
स्टॉकटिक कैपिटल के फाउंडर विजय माहेश्वरी ने कहा, "इस साल आए 20-25 करेक्शंस से शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव हो गई है। लेकिन, ग्रोथ को लेकर तस्वीर धुंधली नजर आ रही है। इसकी बड़ी वजह एआई का आईटी सेक्टर पर असर है।" उन्होंने कहा कि निवेशकों को एक मुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। हालांकि, टेक फंडों में यह सिप से निवेश करने का सही समय है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ लंबी अवधि के लिए टेक फंडों में निवेश किया जा सकता है।