ITR Filing: शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस होने पर 25000 का रिबेट क्लेम नहीं कर पा रहे टैक्सपेयर्स, जानिए क्या है पूरा मामला

ITR Filing 2024: टैक्सपेयर्स को 5 जुलाई के बाद से एक अजीब मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। नई रीजीम के ऐसे टैक्सपेयर्स जिन्होंने शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस बुक किया है, वे सेक्शन 87ए के तहत 25,000 रुपये का रिबेट क्लेम नहीं कर पा रहे हैं। 5 जुलाई को रिटर्न फाइलिंग एक यूटिलटी के अपडेट होने के बाद यह प्रॉब्लम शुरू हुई है

अपडेटेड Jul 19, 2024 पर 9:58 AM
Income Tax Return: सरकार ने पिछले साल पेश बजट (बजट 2023) में इनकम टैक्स की नई रीजीम में टैक्सपेयर की इनकम सालाना 7 लाख रुपये से कम होने पर 25,000 रुपये के रिबेट की इजाजत दी थी।

इस महीने इनकम टैक्स पोर्टल पर एक टैक्स-फाइलिंग यूटिलिटी को अपडेट किया गया है। इसके बाद नई रीजीम के टैक्सपेयर को अगर शॉर्ट कैपिटल गेंस हुआ है तो उसे 25,000 रुपये का वैलिड रिबेट छोड़ने को मजबूर किया जा रहा है। यह इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के नियम के मुताबिक नहीं है। इनकम टैक्स में रिबेट इसलिए दिया जाता है ताकि कम इनकम वाले लोगों पर टैक्स का बोझ कम हो जाए। टैक्स का बोझ कम होने से टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में दिलचस्पी दिखाते हैं।

टोटल टैक्सेबल इनकम को लेकर कनफ्यूजन

सरकार ने पिछले साल पेश बजट (बजट 2023) में इनकम टैक्स की नई रीजीम (New Regime of Income Tax) में टैक्सपेयर की इनकम सालाना 7 लाख रुपये से कम होने पर 25,000 रुपये के रिबेट की इजाजत दी थी। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कि यह गडबड़ी इसलिए हो रही है क्योंकि 'टोटल टैक्सेबल इनकम' के अलग-अलग मतलब निकाले जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है।


5 जुलाई तक मिल रहा था रिबेट

टैक्सआराम इंडिया के फाउंडर मयंक मोहनका ने कहा, "हम इनकम टैक्स की नई रीजीम में इस खास ट्रेंड को देख रहे हैं। जिन लोगों की नेट इनकम 7 लाख रुपये से कम है, अगर उन्होंने 15 फीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स बुक किया है तो वे 25,000 रुपये रिबेट का क्लेम नहीं कर पा रहे हैं।" चौंकाने वाली बात यह है कि 5 जुलाई, 2024 तक फाइल किए गए रिटर्न पर यह रिबेट मिल रहा था।

टैक्स-फाइलिंग यूटिलिटी के अपडेट होने के बाद प्रॉब्लम

टैक्स-फाइलिंग यूटिलिटी के अपडेट होने के बाद यह प्रॉब्लम शुरू हुई है। यह रिबेट फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में हुई इनकम के लिए है। टैक्सपेयर्स ने मनीकंट्रोल को बताया है कि 5 जुलाई तक फाइल किए गए रिटर्न पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस बुक करने के बावजूद टैक्सपेयर्स को यह रिबेट क्लेम करने की इजाजत दी गई है। मोहनका ने कहा, "इनकम टैक्स यूटिलिटी के अपडेट (5 जुलाई, 2024) होने के बाद हम यह रिबेट क्लेम नहीं कर पा रहे हैं।"

कौन कर सकता है 25000 का रिबेट क्लेम?

सेक्शन 111ए के मुताबिक, अगर टैक्सपेयर की ग्रॉस टोटल इनकम 7 लाख रुपये से कम है तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस बुक करने के बावजूद वह रिबेट क्लेम कर सकता है। सिर्फ सेक्शन 112ए में कहा गया है कि अगर बगैर इंडेक्सेशन 10 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस क्लेम किया गया है तो 87ए के तहत रिबेट नहीं मिलेगा। इसके लिए इस सेक्शन में क्लॉज जोड़ा गया है।

उदाहरण की मदद से ऐसे समझें

इस पूरे मामले को एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए तृप्ति को सैलरी और दूसरे स्रोतों से 6.5 लाख रुपये इनकम है। उन्हें 3 लाख रुपये का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस होता है। चूंकि, उनकी टैक्सेबल इनकम 7 लाख रुपये से कम है जिससे उन्हें 87ए के तहत 25,000 रुपये का रिटेब मिलना चाहिए। लेकिन, वह रिबेट क्लेम नहीं कर पा रही हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट का कहना है कि 3 लाख रुपये के शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस को अलग इनकम नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इस पर टैक्स का ज्यादा रेट (15 फीसदी) लागू होता है।

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बाद में आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस

दूसरी तरफ राजेश जिनकी सैलरी इनकम 5 लाख रुपये है और 2 लाख रुपये का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस है वह सेक्शन 87ए के तहत रिबेट क्लेम कर पा रहे हैं। ऐसा लगता है कि बाद में कई टैक्सपेयर्स को इस मामले में नोटिस मिल सकता है, जबकि इस रिबेट के हकदार टैक्सपेयर्स को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका वजह यह है कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत ऐसा कोई संशोधन नहीं किया गया है जिसमें यह दावा किया गया हो कि जिस टैक्सपेयर ने इनकम पर स्पेशल रेट का दावा किया है, उसे यह रिबेट नहीं मिलेगा।

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