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SIP निवेश करते समय इन जरूरी बातों का रखे ध्यान, वरना हो सकती है दिक्कत

SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) नियमित और अनुशासित निवेश की सुविधा देता है, जिससे छोटी-छोटी बचत भी लंबे समय में बड़ा निवेश बन जाती है। ऐसे में SIP करवाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 30, 2025 पर 9:02 PM
SIP निवेश करते समय इन जरूरी बातों का रखे ध्यान, वरना हो सकती है दिक्कत

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेशकों के बीच आज बेहद लोकप्रिय निवेश विकल्प बन चुका है। SIP में निवेशकर्ता एक तय रकम नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं, जिससे निवेश में अनुशासन आता है और धन भविष्य में बढ़ता है। लेकिन SIP निवेश करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है ताकि निवेश का अधिकतम लाभ लिया जा सके।

पहली बात यह है कि निवेश की राशि और अवधि का ठीक से चुनाव करें। SIP को लंबे समय के लिए करने पर कंपाउंडिंग का बेहतर फायदा मिलता है, जिससे छोटी-छोटी बचत भी बड़े निवेश में बदल जाती है। इसके अलावा, rupee cost averaging का फायदा होता है, जिसका अर्थ है कि बाजार गिरते समय अधिक यूनिट्स खरीदकर औसत लागत कम होती है और बाजार बढ़ने पर कम यूनिट्स खरीदने से जोखिम कम हो जाता है।

दूसरी महत्वपूर्ण बात SIP के लिए सही म्यूचुअल फंड स्कीम चुनना है। निवेशकों को अपनी जोखिम सहनशीलता, निवेश की अवधि तथा उद्देश्य के अनुसार इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड्स में निवेश करना चाहिए। इसके साथ ही, फंड की परफॉर्मेंस, एक्सपेंस रेश्यो और फंड मैनेजर की क्षमता पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

SIP निवेश के दौरान निवेश राशि बढ़ाने के लिए step-up SIP का विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें समय-समय पर निवेश राशि को बढ़ाया जा सकता है। यह तरीका आय बढ़ने के साथ निवेश को भी बढ़ाने में मदद करता है। कुछ SIP योजनाएं 100 रुपये या उससे कम की न्यूनतम निवेश राशि पर भी शुरू हो सकती हैं, जिससे नए निवेशकों के लिए यह आसान विकल्प बनता है।

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