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सस्ते लोन वाले KCC को लेकर मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, झूम उठेंगे किसान

KCC को 1998 में लॉन्च किया गया था। इसे किसानों को खेती और अन्य जरूरतों के लिए समय पर लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह किसानों को बीज, उर्वरक और मशीनरी खरीदने में मदद करता है ताकि वे कर्ज के जाल में न फंसें

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड May 28, 2025 पर 9:09 PM
सस्ते लोन वाले KCC को लेकर मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, झूम उठेंगे किसान
भारत में 7.75 करोड़ से अधिक एक्टिव KCC खाते है

Kisan Credit Card: केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 28 मई को संशोधित ब्याज छूट योजना(MISS) को वित्तीय वर्ष 2025-26 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह योजना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए किसानों को सस्ती दरों पर कम अवधि के ऋण उपलब्ध कराती है। इस कदम से देश भर के करोड़ों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी। सरकार ने इस योजना को जारी रखने के लिए ₹15640 करोड़ के बजट का आवंटन किया है।

कैसे काम करती है ब्याज छूट योजना?

MISS योजना किसानों को 7% की रियायती ब्याज दर पर लोन दिलाने में मदद करती है। इस 7% ब्याज दर में से 1.5% ब्याज का खर्च सरकार वहन करती है, जो लोन देने वाले संस्थानों को ब्याज छूट के रूप में दिया जाता है। जो किसान अपना लोन समय पर चुकाते हैं, उन्हें 3% का अतिरिक्त 'शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन' मिलता है। इससे उनकी इफेक्टिव ब्याज दर सिर्फ 4% रह जाती है, जो कि किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है।

योजना में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने इस योजना की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया है। इस योजना के तहत अभी भी खेती के लिए ₹3 लाख तक के कम अवधि के ऋण और पशुपालन व मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए ₹2 लाख तक के लोन लिए जा सकते है।

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)?

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