LIC Mutual Fund इंडिया के टॉप म्यूचुअल फंड हाउसेज में होगी शामिल, LIC MF के सीईओ ने बताया 5 साल का प्लान

LIC MF की शुरुआत 1989 में हुई थी। यह नवंबर 2009 में देश की छठी सबसे बड़ी एएमसी थी। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 50,000 करोड़ रुपये था। मई 2023 के अंत में इसका एयूएम सिर्फ 18,719 करोड़ रुपये रह गया था। LIC MF ने पिछले तीन साल में सिर्फ तीन स्कीमें पेश की हैं। इनमें से दो इक्विटी स्कीमें हैं। LIC MF Balanced Advantage Fund नवंबर 2021 में लॉन्च हुआ था। इसने NFO के जरिए 1,100 करोड़ रुपये जुटाए। पिछले साल अक्टूबर में इस फंड हाउस ने मल्टी-कैप फंड लॉन्च किया

अपडेटेड Jun 13, 2023 पर 2:09 PM
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टीएस रामकृष्णन ने मार्च 2022 में इस फंड हाउस की बागडोर संभाली थी। उन्होंने अगले 5 साल की अपनी स्ट्रेटेजी से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एएमसी फंड लॉन्च करने में आक्रामक रुख अपनाएगी। अपनी स्कीमों के प्रदर्शन पर भी फोकस करेगी।

क्या आपने सोचा है कि इंडिया की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी के निवेश वाला म्यूचुअल फंड हाउस आखिर 24वें पायदान पर क्यों है? हम बात कर रहे हैं LIC और उसकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी LIC Mutual Fund की। ऐसा लगता है कि यह सवाल न सिर्फ आपके दिमाग में है बल्कि LIC MF के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर TS Ramakrishnan के दिमाग में भी है। वह LIC MF को देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड हाउस बनाना चाहते हैं। LIC MF की शुरुआत 1989 में हुई थी। यह नवंबर 2009 में देश की छठी सबसे बड़ी एएमसी थी। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 50,000 करोड़ रुपये था। मई 2023 के अंत में इसका एयूएम सिर्फ 18,719 करोड़ रुपये रह गया था।

इक्विटी पर फोकस बढ़ाने का प्लान

रामाकृष्णन ने मनीकंट्रोल से बातचीत में LIC MF को लेकर अपने प्लान के बारे में बताया। मार्च 2022 इस फंड हाउस की बागडोर संभालने वाले रामकृष्णन ने अगले 5 साल की स्ट्रेटेजी से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एएमसी फंड लॉन्च करने में आक्रामक रुख अपनाएगी। अपनी स्कीमों के प्रदर्शन पर फोकस करेगी। वह इनऑर्गेनिक रूट का भी इस्तेमाल करेगी। साथ ही एयूएम के लिहाज से टॉप फंड हाउस बनने के लिए इक्विटी पर फोकस बढ़ाएगी।


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लगातार घटा है एएमसी का एयूएम

अब तक इस एएमसी का फोकस डेट फंडों पर रहा है। जब इसका एयूएम 50,000 करोड़ रुपये था तब इसका ज्यादातर हिस्सा लिक्विड फंडों में था। तब LIC सहित दूसरी कंपनियां अपना पैसा थोड़े समय के लिए रखती थी और फिर निकाल लेती थीं। कई साल पहले LIC MF के अश्योर्ड रिटर्न प्लान और मंथली इनकम प्लान की अच्छी मांग थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में SEBI ने म्यूचुअल फंड हाउसेज के इस तरह के प्लान लॉन्च करने पर रोक लगाई है। इसका असर LIC MF पर पड़ा।

50,000 करोड़ एयूएम का टारगेट

रामाकृष्णन ने कहा, "पिछले साल हमने स्ट्रेटेजिक प्लान बनाया था। तब हमने अगले पांच साल में एयूएम कम से कम 40,000-50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का टारगेट तय किया था। हम उस दिखा में बढ़ रहे हैं। करेंट ईयर के लिए हमने मार्च तक औसत 27,000 एयूएम का टारगेट रखा है।" पिछले तीन सालों में इस फंड हाउस ने इक्विटी पर अपना फोकस बढ़ाया है। हालांकि, इस दौरान इसका एयूम करीब 18,000 करोड़ रुपये बना रहा है, लेकिन इसमें इक्विटी की हिस्सेदारी 21 फीसदी से बढ़कर 42 फीसदी हो गई है।

पिछले तीन साल में तीन नई स्कीमें

LIC MF ने पिछले तीन साल में सिर्फ तीन स्कीमें पेश की हैं। इनमें से दो इक्विटी स्कीमें हैं। LIC MF Balanced Advantage Fund नवंबर 2021 में लॉन्च हुआ था। इसने NFO के जरिए 1,100 करोड़ रुपये जुटाए। पिछले साल अक्टूबर में इस फंड हाउस ने मल्टी-कैप फंड लॉन्च किया। इसके जरिए उसने करीब 500 करोड़ रुपये जुटाए। फंड हाउस ने अगले दो से तीन साल में 8-10 नई स्कीमें लॉन्च करने का प्लान बनाया है। इसके लिए वह रिटेल इनवेस्टर पर फोकस करेगा।

IDBI MF के विलय से बढ़ेगा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो

LIC Mutual Fund अभी IDBI Mutual Fund का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया में है। इसके अगले दो से तीन महीनों में पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस विलय से एलआईसी एमएफ का एयूएम करीब 4,000 करोड़ रुपये बढ़ जाएगा। इसके अलावा उसके पोर्टफोलियो में मिड-कैप, स्मॉलकैप और गोल्ड फंड आ जाएंगे। कुल मिलाकर IDBI MF की 10 स्कीमों LIC MF के पोर्टफोलियो में आ जाएंगी।

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