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कैश की जरूरत, पर म्यूचुअल फंड बेचने का इरादा नहीं? ये तरीका करेगा आपकी मदद

अगर अचानक पैसों की जरूरत हो तो म्यूचुअल फंड बेचने की जरूरत नहीं है। निवेशक म्यूचुअल फंड यूनिट गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं। इससे निवेश बना रहता है और बाजार गिरावट के दौरान नुकसान में बेचने से बचाव होता है। जानिए कैसे लें लोन और कितनी मिलेगी रकम।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 11, 2026 पर 2:47 PM
कैश की जरूरत, पर म्यूचुअल फंड बेचने का इरादा नहीं? ये तरीका करेगा आपकी मदद
म्यूचुअल फंड के बदले लोन आमतौर पर छोटी अवधि की जरूरतों के लिए लिया जाता है, न कि लंबे समय के लिए।

कई लोगों को लगता है कि अगर उन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़े तो म्यूचुअल फंड से पैसा निकालना ही इकलौता रास्ता है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। कई बैंक और वित्तीय संस्थान म्यूचुअल फंड निवेश के बदले लोन भी देते हैं। इसमें निवेश को बेचा नहीं जाता, बल्कि लोन के बदले कुछ समय के लिए गिरवी रखा जाता है।

यह तरीका कुछ हद तक सोने या प्रॉपर्टी के बदले लोन लेने जैसा ही होता है। बैंक या वित्तीय संस्था निवेश को कोलैटरल यानी सुरक्षा के रूप में स्वीकार करती है और उसकी वैल्यू के आधार पर लोन देती है।

कैसे काम करता म्यूचुअल फंड लोन?

जब कोई व्यक्ति म्यूचुअल फंड के बदले लोन लेता है तो उसकी यूनिट्स को रिडीम नहीं किया जाता। इसके बजाय बैंक या लेंडर उन पर लियन लगा देता है। आसान शब्दों में इसका मतलब है कि ये यूनिट्स कुछ समय के लिए लॉक हो जाती हैं।

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