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प्रॉपर्टी पर लोन लिया है? रिपेमेंट में डिफॉल्ट से आपको हो सकता है बड़ा नुकसान

डिफॉल्ट का मतलब समय पर लोन की EMI का पेमेंट नहीं करना है। शुरुआती एक या दो डिफॉल्ट पर बैंक या एनबीएफसी सिर्फ पेनाल्टी लगाते हैं। लेकिन, ज्यादा बार डिफॉल्ट होने पर वे कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 27, 2025 पर 6:56 PM
प्रॉपर्टी पर लोन लिया है? रिपेमेंट में डिफॉल्ट से आपको हो सकता है बड़ा नुकसान
अगर घर गिरवी रखकर लोन लिया गया है तो डिफॉल्ट पर ज्यादा मुसीबत पैदा हो सकती है।

प्रॉपर्टी पर लोन लेने में इसके रिपेमेंट का खास ध्यान रखना जरूरी है। रिपेमेंट पर डिफॉल्ट करने का मतलब है कि आपको लेट फीस तो चुकानी होगी, साथ ही दूसरे नुकसान भी उठाने पड़ेंगे। बैंक और एनबीएफसी के पास डिफॉल्ट के मामलों से निपटने के लिए कानूनी अधिकार होते हैं। इनके बारे में ठीक तरह से जान लेना जरूरी है।

डिफॉल्ट का मतलब 

डिफॉल्ट का मतलब समय पर लोन की EMI का पेमेंट नहीं करना है। शुरुआती एक या दो डिफॉल्ट पर बैंक या एनबीएफसी सिर्फ पेनाल्टी लगाते हैं। लेकिन, ज्यादा बार डिफॉल्ट होने पर वे कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। पहले बैंक उस लोन अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) की कैटेगरी में डालते हैं। 90 या इससे ज्यादा दिन तक EMI का पेमेंट नहीं होने पर बैंक यह कदम उठाते हैं। इसके बाद उनके लिए कानून के तहत अपने पैसे की रिकवरी का रास्ता खुल जाता है।

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