LPG संकट की आशंका से बढ़ी इंडक्शन कुकटॉप की मांग, कई शहरों में स्टॉक खत्म

अमेरिका-ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी डर के चलते देश के कई बड़े शहरों में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है। हालात यह है कि कई मेट्रो शहरों में इंडक्शन कुकटॉप का स्टॉक खत्म हो गया है

अपडेटेड Mar 11, 2026 पर 5:46 PM
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कई बड़े शहरों में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है।

अमेरिका-ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी डर के चलते देश के कई बड़े शहरों में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है। हालात यह है कि कई मेट्रो शहरों में इंडक्शन कुकटॉप का स्टॉक खत्म हो गया है।

कई शहरों में स्टॉक खत्म

क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart पर कई इंडक्शन कुकटॉप मॉडल आउट ऑफ स्टॉक दिख रहे हैं। बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में यह स्थिति ज्यादा देखने को मिल रही है। यहां एलपीजी पर निर्भरता ज्यादा है, इसलिए लोग गैस के विकल्प तलाश रहे हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में, जहां घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, वहां अभी इतना असर नहीं दिख रहा। इन क्षेत्रों में इंडक्शन कुकटॉप अभी भी उपलब्ध हैं।


रेस्टोरेंट कारोबार पर भी असर

एलपीजी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता का असर रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी दिखने लगा है। बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई के कई रेस्टोरेंट मालिकों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो उनका काम प्रभावित हो सकता है। मुंबई में तो करीब 20% छोटे-बड़े खाने के आउटलेट बंद हो चुके हैं। वहीं 50-60% रेस्टोरेंट अगले कुछ दिनों में बंद होने के खतरे में हैं।

इंडक्शन कुकटॉप में बढ़ी ऑनलाइन सर्च

गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक पिछले दो दिनों में भारत में induction cooktop की सर्च तेजी से बढ़ी है। लोग खास तौर पर Pigeon, Philips और Prestige जैसे ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स सर्च कर रहे हैं। कई लोग best induction और LPG crisis जैसे शब्द भी खोज रहे हैं। इससे साफ है कि लोग गैस के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक कुकिंग की तरफ देख रहे हैं।

अब ‘निश’ प्रोडक्ट नहीं रहा इंडक्शन

Wonderechef के सीईओ और फाउंडर रवि सक्सेना के अनुसार अब इंडक्शन कुकटॉप सिर्फ छात्रों या हॉस्टल में इस्तेमाल होने वाला ऑप्शन नहीं रह गया है। पिछले कुछ सालों में यह कई शहरी घरों में सेकेंडरी कुकिंग ऑप्शन बन गया है। अनुमान है कि भारत के शहरी इलाकों में करीब 12-15% घरों में पहले से इंडक्शन कुकटॉप मौजूद है।

जब गैस सिलेंडर मिलने में देरी होती है या सप्लाई में दिक्कत आती है, तो लोग दूध उबालने, चाय बनाने या हल्की-फुल्की कुकिंग के लिए इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं।

इंडक्शन बर्तनों की भी बढ़ी मांग

इंडक्शन कुकटॉप के साथ खास तरह के बर्तनों की जरूरत होती है। सामान्य एल्यूमिनियम के बर्तन इंडक्शन पर ठीक से काम नहीं करते। इसलिए लोग मैग्नेटिक स्टेनलेस स्टील, ट्रिपली और सिरेमिक नॉन-स्टिक बर्तनों की ओर बढ़ रहे हैं। मांग बढ़ने से इन बर्तनों की कीमतों में भी थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

क्या है LPG संकट की वजह

भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 62-67% हिस्सा आयात करता है। इसमें से लगभग 85-90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के रास्ते आती है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से यह समुद्री रास्ता प्रभावित हुआ है। इससे सप्लाई पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा इराक और कुवैत जैसे कुछ बड़े निर्यातकों ने उत्पादन भी कम कर दिया है।

सरकार ने उठाए कदम

सरकार ने हालात को देखते हुए Essential Commodities Act, 1955 लागू किया है। इस कानून के तहत सरकार गैस सिलेंडर की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन को नियंत्रित कर सकती है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी रोक लगाई जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल भारत के पास 25-30 दिनों का गैस भंडार मौजूद है।

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