शेयर बाजार में आई गिरावट से कई निवेशक डर गए हैं। कुछ तो अपना सिप बंद करने तक के बारे में सोच रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग लंबी अवधि यानी 5 साल, 10 साल या 15 साल के लिए सिप से निवेश कर रहे हैं, उन्हें बाजार में उतार-चढ़ाव की चिंता करने की जरूरत नहीं है। इससे पहले भी शेयर बाजार में कई बार बड़ी गिरावट आ चुकी है। उसके बाद बाजार में तेज रिकवरी आई। 2008 की फाइनेंशियल क्राइसिस और 2020 में कोविड की महामारी इसके उदाहरण हैं।
10000 रुपये का सिप 18 साल में 1 करोड़ से ज्यादा बना
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि के निवेश पर बाजार में बड़ी गिरावट का असर नहीं पड़ता है। ऐसे कई फंड हैं, जिन्होंने शेयर बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों को मालामाल किया है। कोटक म्यूचुअल फंड का कोटक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इकोनॉमिक रिफॉर्म फंड इसका उदाहरण है। अगर इस फंड में आपने शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये के सिप से निवेश किया होता तो आज आपका कुल 21.5 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया होता।
इस फंड ने 2008 और 2020 की बड़ी गिरावट देखी थी
इस फंड की शुरुआत फरवरी 2008 में हुई थी। इस फंड ने शुरुआत से अब तक करीब 15 फीसदी सीएजीआर रिटन दिया है। इस फंड को लॉन्च हुए 18 साल हो गए हैं। इसका मतलब है कि इस फंड ने बाजार के कई उतार-चढ़ाव को देखा है। इसमें 2008 की फाइनेंशियल क्राइसिस और 2020 में कोविड की वजह से बाजार में आई बड़ी गिरावट शामिल है। जिन निवेशकों ने 2008 में आई गिरावट के बाद इस फंड में अपना सिप डरकर बंद कर दिया होगा, वे आज बड़ी कमाई का मौका चूक गए होंगे। 2008 जनवरी में बाजार में गिरावट शुरू हुई थी।
इस फंड का एएमयू 2,353 करोड़ रुपये
इस स्कीम का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर है। इस स्कीम का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 2,353 करोड़ रुपये है। इसके फंड मैनेजर नलिन रसिक भट्ट हैं। वह अक्तूबर 2023 से इस फंड का प्रबंधन कर रहे हैं। इस फंड का प्राइमरी बेंचमार्क निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर टीआरआई है। निफ्टी 50 टीआरआई इसका अतिरिक्त बेंचमार्क है।
फंड ने बेंचमार्क से काफी ज्यादा रिटर्न दिया
इस फंड ने लंबी अवधि में अपने टियर-I बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न दिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स के मुकाबले इसका रिटर्न करीब 6 फीसदी ज्यादा रहा है। यह स्कीम मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयर और शेयरों से जुड़ी सिक्योरिटीज में इनवेस्ट करती है। इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में रोड, पुल, बंदरगाह, एयरपोर्ट्स, रेलवेज, पावर जेनरेशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन, वाटर सप्लाई और टेलीकम्युनिकेशंस आते हैं।
इस फंड का प्रदर्शन शानदार है। लेकिन, किसी स्कीम के पिछले प्रदर्शन को देखकर उसमें निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछला प्रदर्शन भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की गांरटी नहीं है। खासकर थिमैटिक यानी किसी एक सेक्टर से जुड़े निवेश में काफी रिस्क होता है। इस फंड का प्रदर्शन सिर्फ यह संकेत देता है कि लंबी अवधि में किसी फंड के प्रदर्शन में बाजार में उतार-चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता है। निवेशकों को किसी फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय लेनी चाहिए।