UPI Payment: आजकल हर कोई मोबाइल से पैसे भेजना पसंद करता है। बस एक क्लिक और पैसा सामने वाले के अकाउंट में पहुंच जाता है। चाहे चाय वाले को 10 रुपये देना हो या किसी रिश्तेदार को 10,000 रुपये यूपीआई करने हो। अब सब कुछ आसान हो गया है। कई बार ऐसा होता है कि हमने पेमेंट किया, हमारे अकाउंट से पैसे भी कट गए, लेकिन सामने वाला कहता है, पैसे नहीं आए। आप घबरा जाते है क्योंकि पैसे आपके अकाउंट से कट चुके होते हैं। कई बार मन में यही आता है कि कहीं हमारे साथ फ्रॉड तो नहीं हो गया? तो ऐसे में क्या करें?
ऐसे हालात में कई बार पैसा ट्रांफर करने वाला परेशान हो जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसा अक्सर टेक्निकल गड़बड़ी या सर्वर की देरी से होता है। ज्यादातर मामलों में पैसा या तो वापस आ जाता है या रिसीवर को पहुंच जाता है।
क्या होता है जब पैसा कट जाए लेकिन सामने वाले को न पहुंचे?
अगर बैंक या UPI सर्वर में कोई दिक्कत होती है तो आमतौर पर यह समस्या 30 से 60 मिनट में अपने आप ठीक हो जाती है। इस दौरान या तो पैसा सेंडर को वापस आ जाता है या फिर रिसीवर को पहुंच जाता है। अगर UPI ऐप में पेंडिंग लिखा आ रहा है, तो इसका मतलब है कि ट्रांजैक्शन अभी प्रोसेस में है। लेकिन अगर फेल लिखा आ रहा है, तो शिकायत दर्ज कराना जरूरी हो जाता है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अनुसार अगर आपने UPI ट्रांजैक्शन किया है, तो BHIM स्क्रीन पर Success दिखना चाहिए और बैंक से SMS आना चाहिए। अगर 1 घंटे तक कन्फर्मेशन न मिले तो बैंक के कस्टमर सपोर्ट से तुरंत संपर्क करें। अगर ट्रांजैक्शन फेल हो गया है लेकिन पैसा कट चुका है, तो NPCI का कहना है कि पैसा 1 घंटे के भीतर वापस आ जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो आप बैंक से शिकायत कर सकते हैं।
1 घंटे बाद भी पैसा नहीं आए तो क्या करें?
UPI ऐप में In-App सपोर्ट का इस्तेमाल करें जैसे गूगल पे, फोन पे, पेटीएम में Help या Raise a Dispute ऑप्शन होता है। अगर 24 घंटे में समाधान नहीं होता, तो सीधे बैंक से संपर्क करें। आरबीआई के नियमों के मुताबिक बैंक को 3 वर्किंग डेज के अंदर समस्या को सुलझाना होता है। अगर फिर भी समाधान नहीं होता है, तो मामला NPCI के पास जा सकता है। अगर 30 दिन तक भी समाधान न हो, तो आप RBI के बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं।