हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2100 की वित्तीय सहायता दी जाती है। लेकिन हाल ही में इस योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने प्रशासन को चौंका दिया।
जांच में पता चला कि करीब 25,000 फर्जी आवेदन किए गए। इनमें कई पुरुषों ने अपने नाम-पते के साथ महिलाओं की फोटो लगाकर आवेदन कर दिया। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान की महिलाओं ने भी इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर दिया, जबकि यह योजना केवल हरियाणा की महिलाओं के लिए है।
हरियाणा सरकार ने तुरंत इन फर्जी आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि कई आवेदनों में *फैमिली ID और डोमिसाइल सर्टिफिकेट में भी छेड़छाड़ की गई थी। यह गड़बड़ी तब उजागर हुई जब आवेदनों की संख्या वास्तविक पात्र महिलाओं की संख्या से कहीं अधिक पाई गई।
लाडो लक्ष्मी योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि इस राशि से महिलाएं अपने घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई या छोटी बचत कर सकें। लेकिन फर्जीवाड़े ने योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस खुलासे के बाद आम जनता में नाराजगी है। कई लोगों का कहना है कि ऐसे फर्जीवाड़े से असली लाभार्थियों का हक छिन जाता है। वहीं प्रशासन का दावा है कि सख्त जांच और डिजिटल वेरिफिकेशन से भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोका जाएगा।
लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं के लिए राहत और सशक्तिकरण का साधन है, लेकिन 25 हजार फर्जी आवेदनों ने इसकी साख को नुकसान पहुँचाया है। सरकार की चुनौती अब यह है कि असली लाभार्थियों तक योजना का फायदा सही तरीके से पहुँचे और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगे।