Market cues : आज और बढ़ सकती है पुलबैक रैली, 23950 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500–24600 का लेवल मुमकिन
Market cues : अगर Nifty अपनी बढ़त जारी रखता है तो नीयर टर्म में 24,200–24,300 का जोन काफी अहम होगा,जिसके बाद 24,500–24,600 पर एक अहम रेजिस्टेंस वाला जोन होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए नीचे की तरफ तत्काल सपोर्ट 23,950 पर है, जिसके बाद 23,800 अगला अहम सपोर्ट लेवल होगा
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 6.77 प्रतिशत गिरकर 18.38 पर आ गया। यह शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे गिर गया
Market cues: Nifty ने 27 अप्रैल को मंथली F&O एक्सपायरी सेशन से ठीक एक दिन पहले,अपने तीन-दिनों के गिरावट के दौर को तोड़ते हुए 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ वापसी की। एक 'बुलिश कैंडल' का बनना,इंडेक्स का वापस शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर जाना और 'हायर हाई–हायर लो'पैटर्न के जारी रहने की संभावना, ये सभी मिलकर आने वाले सेशंस में'पुलबैक रैली' के और आगे बढ़ने की संभावना को बढ़ा देते हैं, बशर्ते इंडेक्स 23,950 के स्तर से ऊपर बना रहे और VIX में और नरमी आए। अगर Nifty अपनी बढ़त जारी रखता है तो नीयर टर्म में 24,200–24,300 का जोन काफी अहम होगा,जिसके बाद 24,500–24,600 पर एक अहम रेजिस्टेंस वाला जोन होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए नीचे की तरफ तत्काल सपोर्ट 23,950 पर है, जिसके बाद 23,800 अगला अहम सपोर्ट लेवल होगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,979, 23,933 और 23,859
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,128, 24,173 और 24,248
स्पेशल फॉर्मेशन: Nifty ने डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी आने और पिछले हफ़्ते के हाई से लगभग 800 अंकों के ठीक-ठाक करेक्शन के बाद बुल्स की संभावित वापसी का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर वापस चला गया,जबकि डेली चार्ट पर 'हायर टॉप्स और हायर बॉटम्स' का एक बुलिश पैटर्न बनता हुआ दिख रहा है,जिसमें शुक्रवार के स्विंग लो को इस पैटर्न में एक नया 'हायर बॉटम' माना जा रहा है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा,हालांकि यह सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। वहीं MACD शून्य और सिग्नल लाइन,दोनों से ऊपर बना रहा। हालांकि,हिस्टोग्राम की हरी पट्टियां लगातार चौथे सत्र में भी सिकुड़ती रहीं। यह सब एक सावधानीपूर्वक सुधरते हुए मोमेंटम का संकेत है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,432, 56,565 और 56,781
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 56,001, 55,868 और 55,653
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 55,676, 54,576
स्पेशल फॉर्मेशन: बैंक निफ्टी ने सोमवार को लगातार दूसरे सत्र में डेली चार्ट पर ऊपरी और निचले शैडो वाली एक छोटी-सी कैंडल बनाई, जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिर्णय का संकेत है। साथ ही,दोनों सत्रों में यह 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (अप्रैल के निचले स्तर से हालिया रैली का) और 20-दिन के EMA के ऊपर बना रहा। इंडेक्स अपने 50 डे EMA के करीब पहुंच गया। RSI,जो 53.14 पर था,ऊपर की ओर बढ़ा लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD ज़ीरो और सिग्नल लाइनों से ऊपर बना रहा। हालांकि,हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार चौथे सेशन में भी छोटी होती रहीं। यह सब इस बात का संकेत है कि पॉज़िटिव रुझान होने के बावजूद,बाज़ार में मज़बूत मोमेंटम की कमी है।
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 6.77 प्रतिशत गिरकर 18.38 पर आ गया। यह शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे गिर गया,जिससे तेजड़ियों को राहत का संकेत मिला है। तेजड़ियों को फिर से मज़बूत स्थिति में लाने के लिए,इसका 16-15 के स्तर तक और नीचे गिरना जरूरी है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 27 अप्रैल को बढ़कर 1.00 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.78 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।