Middle East Crisis: क्रूड 100 डॉलर से ऊपर बना रहा तो पेंट्स, खाने के तेल, सिंथेटिक टेक्सटाइल्स सहित कई चीजें हो जाएंगी महंगी

महंगे क्रूड और गैस का असर कई चीजों पर पड़ने की आशंका है। इससे रिटेल इनफ्लेशन 5.1 फीसदी तक जा सकता है। 12 मार्च को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ था। 13 मार्च को भी इसका भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा था

अपडेटेड Mar 13, 2026 पर 4:30 PM
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अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इस लड़ाई की वजह से क्रूड और ऑयल की सप्लाई घटी है।

क्रूड ऑयल की कीमतें अगर लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इसका असर आप पर भी पड़ेगा। अभी रसोई गैस की सप्लाई पर इसका असर पड़ रहा है। फूड और रेस्टॉरेंट्स को सेवाएं जारी रखने में दिक्कत आ रही है। कंज्यूमर कंपनियों की इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है। कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इस लड़ाई की वजह से क्रूड और ऑयल की सप्लाई घटी है। दोनों की कीमतें बढ़ी हैं।

एनालिस्ट्स का कहना है कि महंगे क्रूड और गैस का असर कई चीजों पर पड़ने की आशंका है। इससे रिटेल इनफ्लेशन 5.1 फीसदी तक जा सकता है। 12 मार्च को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ था। 13 मार्च को भी इसका भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा था। अमेरिका-इजरायल और ईरान में से कोई अभी पीछे हटने को तैयार नहीं है।

पेंट्स महंगे होंगे

क्रूड में उछाल का असर पेंट्स की कीमतों पर पड़ेगा। पेंट प्रोडक्ट्स बनाने में क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स का काफी इस्तेमाल होता है। सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिोपर्ट में कहा है, " ज्यादातर डीलर्स का कहना है कि अगर क्रूड हाई लेवल पर बना रहता है तो पेंट्स की कीमतें अप्रैल में 2-5 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। हालांकि अभी पेंट कंपनियों ने कीमतें बढ़ाने के संकेत नहीं दिए हैं।" उन्होंने कहा कि कंपनियां मार्च तक इंतजार करना चाहेंगी।


खाने के तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं

खाने के तेल की कीमतों पर महंगे क्रूड का असर पड़ने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से का आयात करता है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत करीब दो-तिहाई खाद्य तेल का आयात करता है। भारत रूस और यूक्रेने से सनफ्लावर ऑयल का इंपोर्ट करता है। लाल सागर और स्वेज कैनाल में बाधा का असर शिपमेंट पर पड़ सकता है। इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ सकती है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, सनफ्लावर ऑयल की कीमत 200 डॉलर के पार चली गई है। Fortune Oil बनाने वाली कंपनी AWL Agri Business ने क्रूड ऑयल से जुड़़े सभी कमोडिटीज की कीमतों में वृद्धि के संकेत दिए हैं।

सिंथेटिक्स टेक्सटाइल्स हो सकते हैं महंगे

सिंथेटिक टेक्सटाइल सेक्टर में उत्पादन कॉस्ट में क्रूड ऑयल की हिस्सेदारी 70-80 फीसदी तक होती है। सिंथेटिक फाइबर बनाने के लिए जिस रॉ मैटेरियल का इस्तेमाल होता है उसका स्रोत क्रूड ऑयल है। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने पर टेक्सटाइल्स मिल से जुड़ी पूरी केमिकल चेन महंगी हो जाती है। सिंथेटिक टेक्सटाइल्स का इस्तेमाल स्पोर्ट्स जर्सी और योगा पैंट्स और कार्पेट्स में होता है। ये चीजें महंगी हो सकती हैं।

पैकेज्ड फूड्स की कीमतों में उछाल

मार्च की शुरुआत में पाम ऑयल की कीमतें करीब 4 फीसदी बढ़ने से पैकेज्ड फूड्स की इनपुट कॉस्ट बढ़ी है। बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल की वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) नेहा राव ने बताया कि क्रूड में उछाल का असर एफएमसीजी प्रोडक्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल और पैकेजिंग मैटेरियल्स पर पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों में पाम ऑयल की कीमतें करीब 6-7 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं। नमकीन बनाने की कॉस्ट में पाम ऑयल की हिस्सेदारी 15-25 फीसदी है।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर असर

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर टायर इंडस्ट्री पर पड़ेगा। ऑटोमोटिव टार मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुताबिक, टायर के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले रॉ मैटेरियल में क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स की हिस्सेदारी 60-70 फीसदी है। क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक हाई बने रहने पर टायर कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो सकती हैं।

पर्सनल केयर आइटम्स होंगे महंगे

क्रूड में उछाल से साबुन, शैंपू और डिटरजेंट्स जैसे पर्नसल केयर प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं। इन प्रोडक्ट्स के उत्पादन में क्रूड ऑयल और उसके डेरिवेटिव्स का काफी इस्तेमाल होता है। ब्रोकरेज फर्म एंजलवन के मुताबिक, क्रूड में उछाल से होम और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई डेरिवेटिव्स महंगे हो जाते हैं।

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हवाई किराए महंगे होंगे

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और इंटरनेशनल रूट पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। इसकी वजह जेट फ्यूल की कीमतों में उछाल है। घरेलू फ्लाइट्स के टिकट पर 399 रुपये फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है। इंटरनेशनल रूट पर भी एयरलाइंस ने सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। वेस्ट एशिया के फ्लाइट्स पर 10 डॉलर, अफ्रीका के रूट पर 30 से 90 डॉलर और दक्षिणपूर्व एशिया की फ्लाइटट्स पर 20-60 डॉलर की वृद्धि की गई है।

 

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