पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) और फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 12 मार्च को लोकसभा में यह जानकारी दी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) और फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 12 मार्च को लोकसभा में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर इन ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन सामान्य तरीके से काम कर रही है।
कमर्शियल LPG के लिए सरकार का बड़ा फैसला
कमर्शियल LPG की कमी को देखते हुए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत 12 मार्च से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) राज्य सरकारों के साथ मिलकर औद्योगिक और कमर्शियल उपभोक्ताओं को उनकी औसत मासिक जरूरत का 20 प्रतिशत कमर्शियल LPG आवंटित करेंगी।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उपलब्ध गैस पहले वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पहुंचे। जमाखोरी या कालाबाजारी की स्थिति न बने।
पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य
हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में कहा कि पेट्रोल, डीजल, ATF, केरोसिन और फ्यूल ऑयल की उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि देशभर के रिटेल आउटलेट्स पर इन उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इनकी सप्लाई चेन सामान्य तरीके से काम कर रही है।
गैस की कमी को वैकल्पिक खरीद से किया गया पूरा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गैस की कमी को काफी हद तक वैकल्पिक खरीद के जरिए पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि बड़े LNG कार्गो लगभग रोजाना वैकल्पिक सप्लाई रूट्स के जरिए भारत पहुंच रहे हैं। इससे गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल रही है।
देश में LPG उत्पादन भी बढ़ा
सरकार ने यह भी बताया कि रिफाइनरियों को दिए गए निर्देशों के बाद देश में LPG उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा अतिरिक्त गैस खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है।
पुरी ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबे समय तक चलता है, तब भी भारत के पास गैस उत्पादन और सप्लाई की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि हर घर और उद्योग के लिए बिजली उत्पादन पूरी तरह सुरक्षित है और ऊर्जा सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
राज्यों और रेस्टोरेंट संगठनों के साथ बैठक
सरकार ने इस मुद्दे पर देशभर के राज्य नागरिक आपूर्ति विभागों और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों के साथ कई बैठकें की हैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। एक समिति ने अलग अलग राज्यों और सेक्टर के आधार पर वास्तविक जरूरत का आकलन किया है। ताकि उपलब्ध कमर्शियल LPG पहले जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पहुंच सके।
LPG की कमी से निपटने के लिए वैकल्पिक ईंधन
कमर्शियल प्रतिष्ठानों में LPG की कमी को देखते हुए सरकार वैकल्पिक ईंधन विकल्प भी शुरू कर रही है। हरदीप पुरी ने बताया कि केरोसिन को रिटेल आउटलेट्स और PDS चैनलों के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं औद्योगिक और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए फ्यूल ऑयल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने भी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सलाह दी है। इस संकट के दौरान एक महीने के लिए हॉस्पिटैलिटी और रेस्टोरेंट सेक्टर को कुछ वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है।
इनमें बायोमास, RDF पेललेट, केरोसिन और कोयला शामिल हैं। इसका मकसद LPG पर दबाव कम करना है। इससे कई होटल-रेस्टोरेंट LPG की जगह दूसरे ईंधन का इस्तेमाल कर सकेंगे। साथ ही प्राथमिकता वाले उपभोक्ताओं के लिए LPG उपलब्ध कराना आसान होगा।
LPG सिलेंडर की कीमत पर भी सरकार का बयान
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में 60 रुपये के समायोजन के बाद बिना सब्सिडी वाला घरेलू LPG सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है। बाजार के हिसाब से कीमत करीब 987 रुपये होनी चाहिए थी।
पुरी ने कहा कि वैश्विक बाजार की स्थिति के हिसाब से सिलेंडर की कीमत में 134 रुपये की बढ़ोतरी जरूरी थी। लेकिन सरकार ने इसमें से 74 रुपये का बोझ खुद उठाया किया है।
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