Income Tax: अगर आपने पिछले साल नौकरी बदलने के कारण अपने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का क्लेम नहीं किया है, तो चिंता की बात नहीं है। आप अभी भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय इस छूट का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें और सही कैलकुलेशन समझना जरूरी है।
कब मिलता है HRA का फायदा?
HRA छूट का फायदा तभी मिलता है, जब आप किराए के घर में रहते हों, खुद का घर न हो और आपने पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) को चुना हो। साथ ही आपकी सैलरी में HRA शामिल होना चाहिए।
नौकरी बदलने पर कैसे करें कैलकुलेशन?
अगर आपने एक साल में कई बार नौकरी बदली है, तो हर नौकरी के दौरान मिलने वाली सैलरी, HRA और दिए गए किराए के आधार पर अलग-अलग कैलकुलेशन करना होगा। क्योंकि हर कंपनी में आपकी बेसिक सैलरी और HRA अलग हो सकता है। पूरे साल का एक साथ हिसाब लगाने की बजाय हर महीने के हिसाब से छूट निकालनी होती है।
अगर कंपनी में क्लेम नहीं किया तो क्या करें?
कई बार लोग नौकरी बदलने या डॉक्यूमेंट जमा न करने की वजह से कंपनी में HRA क्लेम नहीं कर पाते। ऐसे में आप ITR भरते समय खुद यह छूट ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इसके लिए आपके पास किराए की रसीदें और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट होने चाहिए क्योंकि इनकम टैक्स विभाग जांच के दौरान इन्हें मांग सकता है।
नोटिस आने की संभावना क्यों?
जब आप ITR में HRA क्लेम करते हैं, तो आपकी टैक्सेबल सैलरी कम हो जाती है, जबकि आपके नियोक्ता (Employer) ने ज्यादा सैलरी रिपोर्ट की होती है। इस अंतर की वजह से इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप सभी जानकारी सही तरीके से भरें और डॉक्यूमेंट सेफ रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आप जवाब दे सकें।
ITR भरते समय जल्दबाजी न करें। हर नौकरी की सैलरी और किराए का सही हिसाब लगाएं और सही जानकारी दर्ज करें। कुल मिलाकर अगर आपने HRA क्लेम करना मिस कर दिया है, तो भी ITR के जरिए आप इसका फायदा ले सकते हैं, बस सही तरीके से कैलकुलेशन और डॉक्युमेंटेशन करना जरूरी है।