इनकम टैक्स नियमों (Income Tax Rules) के मुताबिक लोगों को पिछले साल के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) असेसमेंट ईयर खत्म होने के तीन महीने बाद तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, इनमें से जो भी पहले हो उसमें फाइल करना होता है। इस तरह अगर किसी ने 31 जुलाई 2022 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं जमा किया था, तो उसके पास 31 दिसंबर 2022 तक बिलेटेड ITR जमा करने का विकल्प था। लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने यह दोनों डेडलाइन मिस कर दी, तो क्या होगा? अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके पास एक और तरीका है, जिसके जरिए अभी भी अपना ITR जमा कर सकते हैं। आइए जानते हैं-
दोनों समय-सीमा चूकने वाले टैक्यपेयर्स के पास एक अपडेटेड टैक्स रिटर्न (ITR-U) जमा करने का विकल्प होता है, लेकिन पेनाल्टी के साथ। इस विकल्प को सबसे पहले बजट 2022 में लॉन्च किया गया था। अपडेटेड आईटीआर भरने के लिए इस साल मई में नया फॉर्म लाया गया था। इसके तहत ब्याज वाले कर पर 25-50% अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करके असेसमेंट ईयर खत्म होने के 24 महीने बाद तक आईटीआर जमा किया जा सकता है।
कब जमा किया जा सकता है अपडेटेड ITR?
इसके अलावा कुछ ऐसी भी परिस्थितियां हैं, जिनमें कोई व्यक्ति अपडेटेड ITR फाइल नहीं कर सकता है। ITR-U का इस्तेमाल किसी नुकसान को दिकाने, इनकम टैक्स रिफंड पाने या इस तरह के अन्य काम करने के लिए नहीं किया जा सकता है।
अगर वित्त वर्ष 2021-22 (असेसमेंट ईयर 2022-23) के लिए ITR-U को इसके बाद आने वाले पहले असेसमेंट ईयर में भरा जाता है, जो 1 अप्रैल 2023 से शुरू होकर 31 मार्च 2024 को खत्म होगा, तो व्यक्ति को बकाया टैक्स पर 25% अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना होगा। वहीं अगर कोई व्यक्ति 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 को खत्म होने वाले असेसमेंट ईयर में अपडेटेडे- ITR दाखिल करता है, तो उसे 50 फीसदी अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना होगा।