केंद्र सरकार ने ने एलॉन मस्क (Elon Musk) की कंपनी StarLink Internet Service को बगैर लाइसेंस लिए सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस की प्री-सेलिंग और बुकिंग के लिए फटकार लगाई है। दूर संचार विभाग (The Department of Telecommunications) ने कहा है कि कंपनी भारत में तुरंत प्रभाव से इंटरनेट सर्विस की बुकिंग और सेटेलाइट के जरिए इस सर्विस की डिलीवरी बंद करे। सरकार ने भारतीय नागरिकों को स्टारलिंक इंटरनेट सेवाओं (Starlink Internet Services) को नहीं खरीदने की चेतावनी दी है।
सरकार ने बताया कि स्टारलिंक इंटरनेट सर्विसेज के पास भारत में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस मुहैया कराने का लाइसेंस नहीं है। स्टारलिंक ने 1 नवंबर को रजिस्ट्रेशन कराया है। कंपनी ने अभी से ही अपना विज्ञापन देना शुरू कर दिया है। सरकार के मुताबिक, कंपनी ने अपनी सर्विस की प्री बुकिंग शुरू कर दी है।
स्टारलिंक इंटरनेट सर्विसेज (Spacex की डिवीजन) के पास भारत में सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस का लाइसेंस नहीं है लेकिन पब्लिक को यह बात नहीं बताई जा रही है। इसलिए आम लोगों को यह सूचित किया जाता है कि कंपनी ने भारत में सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस देने का लाइसेंस नहीं लिया है। जबकि इसकी वेबसाइट पर इस सर्विस के लिए बुकिंग की जा रही है। इसलिए सरकार ने कंपनी को रेगुलेटरी कंप्लायंस का पालन करने के लिए कहा है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने कहा है कि अगर कंपनी भारत में सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस देना चाहती है तो इसे नियमों का पालन करना होगा। यानी कंपनी पहले लाइसेंस ले फिर कम्युनिकेशन सर्विस के कारोबार में एंट्री करें।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में स्टारलिंक की सर्विस के लिए 5,000 से अधिक लोगों एडवांस बुकिंग करा ली है। स्टारलिंक भारत के ग्रामीण इलाक़ों में ब्रॉडबैंड सर्विस मुहैया कराना चाहती है।