Omicron Variant: कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Union Ministry of Health and Family Welfare) ने विदेश से आने वाले लोगों के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। यह नई गाइडलाइंस 1 दिसंबर से लागू हो जाएगी।
इस नई गाइडलाइंस के तहत अब यात्रा से पहले एयर सुविधा पोर्टल पर यात्रियों को नेगेटिव RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट अपलोड करने के साथ-साथ अपने 14 दिनों की यात्रा की पूरी जानकारी देनी होगी।
इन 12 देशों को जोखिम वाले देश की श्रेणी में रखा गया है
केंद्र सरकार ने 12 देशों को जोखिम (risk) वाले देश की श्रेणी में रखा है। इन देशों के यात्रियों को भारत आने पर अतिरिक्त उपायों का पालन करना होगा। सरकार ने दक्षिण अफ्रीका के अलावा यूनाइडेट किंगडम समेत यूरोपीय देशों, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिसस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हॉन्ग-कॉन्ग और इजराइल को जोखिम वाले देशों की श्रेणी में रखा है। इन देशों में पहले ही ओमीक्रॉन के केस सामने आ चुके हैं। इन 12 देशों से आने वाले यात्रियों की भारत में भी कोरोना जांच की जाएगी और क्वारंटाइन भी किया जाएगा।
इन देशों से आने वाले यात्रियों का एयरपोर्ट में ही कोरोना टेस्ट होगा। यात्रियों को टेस्ट के रिजल्ट का इंतजार करना होगा। अगर टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो वे 7 दिनों तक होम क्वारंटीन में रहेंगे। 8वें दिन दोबारा कोरोना टेस्ट करना होगा, अगर फिर रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो अगले 7 दिनों के लिए स्वयं की निगरानी खुद करनी होगी। इस दौरान अगर किसी यात्री की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा और उनके सैंपल INSACOG भेजे जाएंगे। पॉजिटिव मरीजों को होम क्वारंटीन किया अस्पताल में रखा जाएगा।
नई गाइडलाइंस के तहत हाई रिस्क वाले देशों को छोड़कर अन्य देशों के यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति होगी। 14 दिन तक उन्हें खुद क्वारंटीन में रहना होगा। एयरपोर्ट पर मौजूद एयरपोर्ट कर्मी टोटल यात्रियों का पांच फीसदी (किसी भी यात्री को रैंडमली) टेस्ट कर सकते हैं।