Omicron Variant: भारत में अभी तक कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) के नए मामले सामने नहीं आए हैं। लेकिन राज्य सरकारें सतर्क हो गईं हैं। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) सरकार नए वेरिएंट को लेकर अभी से चौकन्ना हो गई है। राज्य सरकार का कहना है कि मध्य प्रदेश में पिछले एक महीने में विदेश से आए हुए लोगों को कोरोना टेस्ट से गुजरना होगा। इतना ही नहीं राज्य सरकार ने स्कूलों को दी गई ढील वापस ले ली है।
रविवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में स्कूलों को आधी क्षमता से ही खोलने का फैसला किया गया। ऑनलाइन क्लास का विकल्प चालू रखने और स्कूल आने वाले बच्चों के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी करने का फैसला किया गया। बता दें कि राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 17 नवंबर को पूरी क्षमता के साथ सभी सामाजिक, राजनीतिकस स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक गतिविधिययों को फिर से चालू करने की अनुमति दे दी थी।
रविवार को कोरोना वायरस की स्थिति पर सीएम ने अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद कहा कि कुछ देशों में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट पाया गया है। हालांकि भारत में अभी तक इसका कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर कुछ फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी बरती जाएंगी।
विदेश से आने वाले लोगों का होगा कोरोना टेस्ट
सीएम चौहान ने कहा कि जो लोग पिछले एक महीने के दौरान इंटरनेशनल फ्लाइट से दूसरे देशों से मध्य प्रदेश में आए हैं, उनका केंद्र द्वारा निर्धारित मानदंड़ों के आधार पर कोरोना टेस्ट किया जाएगा। किसी भी तरह के लक्षण पाए जाने पर उन्हें आइसोलेट कर दिया जाएगा। चौहान ने ये भी कहा है कि Genome Sequencing जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सीएम ने ये भी कहा है कि उन्होंने रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत सभी मेडिकल के जरूरी सामानों मुहैया कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट और अन्य उपकरणों के रिपेयर करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राज्य में इस समय हर दिन कोरोना वायरस के 58,000 से 60,000 टेस्ट किए जा रहे हैं। अब टेस्ट की संख्या और बढ़ाई जाएगी। सीएम ने कहा कि हम केंद्र सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation – WHO) की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करेंगे। हमें बच्चों और 18 साल से कम उम्र के लोगों का खास तौर से ध्यान रखना होगा। इसकी वजह ये है कि उनका वैक्सीनेशन नहीं हुआ है।
50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे स्कूल
चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सोमवार से स्कूल 50 फीसदी उपस्थिति (attendance) के साथ खुलेंगें। कहने का मतलब ये हुआ कि स्कूल में बच्चों की संख्या 50 फीसदी होगी। 50 फीसदी बच्चे एक दिन और बाकी 50 फीसदी बच्चे अगले दिन स्कूल आएंगे। ऑनलाइन क्लास का विकल्प रहेगा और पैरेंट्स की इच्छा होगी तो ही बच्चे स्कूल जाएंगे, उनकी अनुमति आवश्यक होगी। चौहान ने ये भी बताया कि राज्य में 62.5 फीसदी पात्र लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वैक्सीनेशन हर दिन हो रहा है। लेकिन 1 दिसंबर को एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा।