आंध्र प्रदेश में तीसरा और चौथा बच्चा पैदा करने पर सरकार देगी कैश रुपये! इस गजब की योजना का मकसद समझिए

CM Chandrababu Naidu: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में घटती जनसंख्या को लेकर एक बड़ा ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने “स्वर्ण आंध्र-स्वच्छ आंध्र” कार्यक्रम के दौरान कहा, “मैंने एक नया फैसला लिया है। तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के लिए 40,000 रुपये दिए जाएंगे

अपडेटेड May 16, 2026 पर 7:08 PM
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CM Chandrababu Naidu: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में घटती जनसंख्या को लेकर एक बड़ा ऐलान कर दिया है

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में घटती जनसंख्या को लेकर एक बड़ा ऐलान कर दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार (16 मई) को कहा कि राज्य सरकार तीसरे बच्चे के जन्म पर 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। नरसन्नपेटा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और अगले एक महीने में इसकी पूरी जानकारी जारी की जाएगी।

सीएम ने किया बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने “स्वर्ण आंध्र-स्वच्छ आंध्र” कार्यक्रम के दौरान कहा, “मैंने एक नया फैसला लिया है। तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के लिए 40,000 रुपये दिए जाएंगे। क्या यह अच्छा फैसला नहीं है?” हालांकि एन. चंद्रबाबू नायडू पहले जनसंख्या नियंत्रण की बात करते रहे हैं, लेकिन अब उनका कहना है कि समय बदल गया है और समाज को जन्म दर बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।


मुख्यमंत्री की यह नई घोषणा उनके पहले दिए गए उस प्रस्ताव के बाद आई है, जिसमें दूसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की बात कही गई थी। 5 मार्च को नायडू ने विधानसभा में बताया था कि, राज्य सरकार दूसरे बच्चे वाले परिवारों को 25,000 रुपये देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। बाद में स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया कि सरकार ने तीसरे और उससे अधिक बच्चों वाले परिवारों को भी यह लाभ देने का फैसला किया है।

राज्य की घटती जनसंख्या को देखते हुए उठाया कदम

एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आजकल कई दंपति अपनी आमदनी बढ़ने के बाद सिर्फ एक बच्चा ही रखना पसंद कर रहे हैं। वहीं, कुछ परिवार दूसरे बच्चे के बारे में तभी सोचते हैं जब पहला बच्चा लड़का न हो। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर लगातार कम हो रही है। नायडू ने 2.1 के “रिप्लेसमेंट लेवल टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR)” को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि किसी भी समाज की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए कुल प्रजनन दर यानी टीएफआर का 2.1 होना जरूरी माना जाता है। अगर यह दर इससे नीचे चली जाती है तो भविष्य में बुजुर्ग आबादी बढ़ने लगती है और काम करने वाली युवा आबादी कम हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में घटती आबादी और बढ़ती बुजुर्ग संख्या आर्थिक विकास के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भारत के कुछ राज्यों में भी ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है।

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