Loan: भारत में कितनी तरह के मिलते हैं लोन? यहां जानें पूरी डिटेल

Loan: बैंक और फाइनेंशियल संस्थान लोगों को आर्थिक सहायता देने के लिए हर तरह के लोन देते हैं। लोन एक ऐसी सुविधा है, जिसमें व्यक्ति या संगठन एक तय अमाउंट उधार ले सकते हैं और उसे ब्याज सहित तय समय में चुकाना होता है। भारत में मिल रहे लोन 2 केटेगरी में बांटे गए हैं

अपडेटेड May 09, 2025 पर 7:05 AM
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Loan: बैंक और फाइनेंशियल संस्थान लोगों को आर्थिक सहायता देने के लिए हर तरह के लोन देते हैं।

Loan: बैंक और फाइनेंशियल संस्थान लोगों को आर्थिक सहायता देने के लिए हर तरह के लोन देते हैं। लोन एक ऐसी सुविधा है, जिसमें व्यक्ति या संगठन एक तय अमाउंट उधार ले सकते हैं और उसे ब्याज सहित तय समय में चुकाना होता है। भारत में मिल रहे लोन 2 केटेगरी में बांटे गए हैं। पहला सिक्योर्ड लोन और दूसरा अनसिक्योर्ड लोन।

सिक्योर्ड लोन (Secured Loans)

सिक्योर्ड लोन में उधारकर्ता को अपनी कोई संपत्ति जैसे कि घर, गाड़ी, सोना आदि गिरवी रखना होता है। इन लोन में ब्याज दर कम और लोन अमाउंट अधिक होता है।


होम लोन

होम लोन घर खरीदने के लिए लिया जाता है, जिसमें खरीदा गया घर ही गिरवी रखा जाता है। यह लोन 15 से 30 साल के पीरियड का होता है। ब्याज दर लगभग 8.40% से 15% तक होती है।

कार लोन

कार, बाइक या अन्य गाड़ी खरीदने के लिए यह लोन लिया जाता है। आमतौर पर गाड़ी के एक्स-शोरूम मूल्य का 85% तक लोन मिलता है। ब्याज दर कम और चुकाने की पीरियड लचीला होगा है।

गोल्ड लोन

सोने के आभूषण गिरवी रखकर यह लोन लिया जाता है। इसकी ब्याज दर 8% से 18% सालाना होती है और इसे कम पीरियड के लिए लिया जाता है।

सिक्योरिटी के बदले लोन

म्यूचुअल फंड, स्टॉक्स, बीमा पॉलिसी जैसी फाइनेंशियल एसेट्स के बदले बिना उन्हें बेचे लोन लिया जा सकता है। फंड की वैल्यू के अनुसार 65% से 85% तक लोन मिल सकता है।

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP)

अपनी रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर यह लोन लिया जाता है। ब्याज दर 8.40% से 12.50% तक हो सकती है। इसका इस्तेमाल एजुकेशन, बिजनेस या अन्य जरूरतों में किया जा सकता है।

अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loans)

इस प्रकार के लोन के लिए किसी एसेस्ट्स को गिरवी नहीं रखना होता। यह लोन क्रेडिट स्कोर के आधार पर दिया जाता है, लेकिन इसकी ब्याज दर अन्य लोन की तुलना में ज्यादा होती है।

 पर्सनल लोन

इसका इस्तेमाल शादी, ट्रैवल, हेल्थ और एजुकेशन जैसे पर्सनल एजुकेशन के लिए किया जा सकता है। ब्याज दर 8% से 15% तक होती है।

एजुकेशन लोन

हायर एजुकेशन के लिए यह लोन लिया जाता है, जिसमें फीस, हॉस्टल, किताबें आदि खर्च कवर होते हैं। इसमें मोराटोरियम पीरियड की सुविधा भी होती है और ब्याज दर 8% से 16% तक हो सकती है।

क्रेडिट कार्ड लोन

जो लोग पहले से क्रेडिट कार्ड रखते हैं, वे अपनी क्रेडिट लिमिट के आधार पर लोन ले सकते हैं। इसकी ब्याज दर काफी अधिक होती है, जो कुछ मामलों में 53% सालाना तक भी जा सकती है।

शॉर्ट-टर्म बिजनेस लोन

छोटे कारोबारियों की जरूरतों जैसे वर्किंग कैपिटल, मशीनरी आदि के लिए यह लोन लिया जाता है। यह लोन जल्दी मिल जाता है और इसके लिए संपत्ति की जरूरत नहीं होती।

फ्लेक्सी लोन

यह ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधा है, जिसमें आपको एक क्रेडिट लिमिट मिलती है। आप जरूरत के अनुसार पैसा निकाल सकते हैं। ब्याज सिर्फ इस्तेमाल किये गए अमाउंट पर लगता है।

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