अब आप बैंक अकाउंट में चार लोगों को नॉमिनी बना सकेंगे। सरकार ने इसके लिए बैंकिंग लॉज (अमेंडमेंड) बिल को 3 दिसंबर को लोकसभा में पारित करा लिया। इस प्रावधान से डिपॉजिटर्स को काफी सुविधा होगी। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इस संशोधन से डिपॉजिटर्स के पास 'सक्सेसिव'और 'सिमुलटेनअस' नॉमिनेशन में से चुनाव करने की आजादी होगी। हालांकि, लॉकर होल्डर्स को सिर्फ सक्सेसिव नॉमिनेशन की इजाजत होगी।
नॉमिनी बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अकाउंटहोल्डर की मौत हो जाने पर फंड के ट्रांसफर में दिक्कत नहीं आती है। सिरील अमरचंद मंगलदास के पार्टनर अमेय पाठक ने कहा कि यह समझ लेना जरूरी है कि नॉमिनी वारिस नहीं है, बल्कि वह सिर्फ ऐसा व्यक्ति है जिसे बैंक अकाउंट की कस्टडी सौंप सकता है। इससे वारिस बैंक के समक्ष किसी तरह का दावा पेश नहीं कर सकेगा। लेकिन, वह नॉमिनी के खिलाफ मामला शुरू कर सकता है।
नॉमिनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि अकाउंट में रखे एसेट्स का ट्रांसफर सक्सेशन लॉज के मुताबिक वारिस को किया जाए। सिंघानिया एंड कंपनी के पार्टनर कुणाल शर्मा ने कहा कि एक से ज्यादा नॉमिनी बनाने की इजाजत से डिपॉजिटर्स के लिए सिक्योरिटी और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी। इससे बैंकों पर प्रसाशनिक बोझ घटेगा। साथ ही अकाउंट होल्डर्स चैन की सांस ले सकेंगे। पाठक ने कहा कि मल्टीपल नॉमिनेशन से अनक्लेम्ड डिपॉजिट के रूप में फंड के एक्युमुलेशन पर भी रोक लगेगी।
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अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स में इजाफा
आरबीआई की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि अनक्लेम्ड डिपॉजिट में काफी इजाफा देखने को मिला है। यह मार्च 2023 में 62,225 करोड़ रुपये था। यह 26 फीसदी बढ़कर मार्च 2024 में 78,213 करोड़ रुपये हो गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मल्टीपल नॉमिनी बनाने की इजाजत से अकाउंट को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही अनक्लेम्ड अकाउंट पर क्लेम बढ़ेगा। इससे लगातार बढ़ते अनक्लेम्ड पूल में कमी लाने में मदद मिलेगी।