Mutual Fund: इस स्मॉलकैप फंड ने सिर्फ 6 साल में 1,00,000 को 4,63,740 रुपये कर दिया

Bandhan SmallCap Fund का एसेट अंडर मैनेजमेंट अप्रैल 2025 में 10,000 करोड़ रुपये था, जो फरवरी 2026 में बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब है कि एक साल से कम वक्त में इस फंड का एयूएम दो गुना हो गया। इस महीने इस फंड को शुरू हुए छह साल पूरे हो जाएंगे

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 7:24 PM
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कीर्ति जैन, रीतिका बेहरा और मनीष गुनवानी इस फंड के मैनेजर्स हैं।

कोई म्यूचुअल फंड स्कीम अगर 6 साल में आपका पैसा चार गुना कर दे तो आपको कैसा लगेगा? इस सवाल का जवाब बंधन स्मॉलकैप फंड के निवेशक दे सकते हैं। इस फंड ने छह साल में 10,000 रुपये के निवेश को चार गुना से ज्यादा यानी 46,374 रुपये कर दिया है। ज्यादातर इनवेस्टर्स अपने निवेश पर ऐसा रिटर्न चाहते हैं। लेकिन बहुत कम फंड ऐसे हैं, जो निवेशकों को इस तरह का रिटर्न देते हैं।

एक साल से कम समय में एयूम दोगुना 

Bandhan SmallCap Fund का एसेट अंडर मैनेजमेंट अप्रैल 2025 में 10,000 करोड़ रुपये था, जो फरवरी 2026 में बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब है कि एक साल से कम वक्त में इस फंड का एयूएम दो गुना हो गया। इस महीने इस फंड को शुरू हुए छह साल पूरे हो जाएंगे। फंड हाउस का कहना है कि इस स्मॉलकैप फंड ने कंस्ट्रेशन रिस्क से बचने पर काफी फोकस रखा है।


टॉप 10 शेयरों में सिर्फ 30 फीसदी निवेश

इस फंड के पोर्टफोलियो में शामिल टॉप 10 शेयरों में इसका कुल निवेश 30 फीसदी से कम है। इस फंड की दूसरी खासियत यह है कि इसने कई तरह के सेक्टर्स की कंपनियों में निवेश किया है। इससे एक तरफ इसे लिक्विडिटी के मामले में आसानी होती है तो दूसरी तरफ मार्केट में ज्यादा उतार-चढ़ाव का असर इसके रिटर्न पर कम पड़ता है।

अर्निंग्स विजिबिलिटी के आधार पर निवेश का फैसला

बंधन म्यूचुअल फंड ने दिसंबर 2025 की अपनी तिमाही रिपोर्ट में कहा था कि कंपनियों की अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है, जिसका असर शेयरों की कीमतों पर दिखेगा। हालांकि, इससे शेयरों का सेलेक्शन करना मुश्किल हो जाएगा। बंधन स्मॉलकैप फंड के फंड मैनेजर्स ने यह भी कहा था कि उन्होंने काफी कैश रखा है, जिसे वे धीरे-धीरे स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश कर रहे हैं। इसकी वजह उन्होंने स्मॉलकैप सेगमेंट में कम ट्रेंडिंग वाल्यूम बताया था।

कीर्ति जैन, रीतिका बेहरा सहित तीन फंड मैनेजर्स

कीर्ति जैन, रीतिका बेहरा और मनीष गुनवानी इस फंड के मैनेजर्स हैं। फंड का फोकस अपने बैंचमार्क को फॉलो करने से ज्यादा अब्सॉल्यूट-रिटर्न अप्रोच पर है। इसका टर्नओवर रेशियो 0.21 है, जिसका मतलब है कि इसकी होल्डिंग्स में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होता है। इसका शार्पे रेशियो 1.32 है, जो रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न के बारे में बताता है।

रियल्टी, टेक्सटाइल्स शेयरों पर फंड का भरोसा 

दिसंबर 2025 में इस फंड ने रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्सटाइल्स में ज्यादा निवेश किया था। कैपिटल गुड्स, कंसट्रक्शन और ऑटो सेक्टर से जुड़े शेयरों में इसका निवेश कम था। फंड हाउस ने कहा है कि शेयरों में निवेश का फैसला मार्केट्स ट्रेंड की जगह कंपनियों की अर्निंग्स विजिबिलिटी और वैल्यूएशंस के आधार पर लिया गया है।

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तीन सालों में 29 फीसदी से ज्यादा सीएजीआर रिटर्न

बीते तीन साल में इसके रिटर्न का सीएजीआर 29.47 फीसदी रहा है। इसका पांच साल का रिटर्न सीएजीआर 25.46 फीसदी है। एक साल, तीन साल और पांच साल की अवधि में इस फंड का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले बेहतर रहा है। इस फंड में कम से कम 100 रुपये से सिप के जरिए निवेश शुरू किया जा सकता है। इसका मतलब है कि इसमें सिप शुरू हर महीने कम पैसे से भी शुरू हो सकता है।

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