चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.63 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह एक साल पहले के आंकड़े से 1.34 प्रतिशत कम है। ऐसा मुख्य रूप से रिफंड के उच्च स्तर के चलते है। 11 जुलाई को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़े 1 अप्रैल से लेकर 10 जुलाई 2025 तक के हैं। एक साल पहले इसी अवधि में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.70 लाख करोड़ रुपये रहा था।
10 जुलाई तक नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि नॉन-कॉरपोरेट टैक्स 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 2.07 लाख करोड़ रुपये था। 1 अप्रैल से 10 जुलाई 2025 के बीच सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स कलेक्शन 17,874 करोड़ रुपये रहा।
रिफंड और ग्रॉस टैक्स कलेक्शन की स्थिति
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक जारी किए गए शुद्ध रिफंड सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 1.02 लाख करोड़ रुपये हो गए। 1 अप्रैल से 10 जुलाई 2025 तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (रिफंड से पहले) 6.65 लाख करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि के 6.44 लाख करोड़ रुपये से 3.17 प्रतिशत अधिक है।
ग्रॉस कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 9.42 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.90 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं ग्रॉस नॉन कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 1.28 प्रतिशत घटकर 3.57 लाख करोड़ रुपये रहा।
सरकार का FY26 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का टारगेट
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 25.20 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह एक साल पहले से 12.7 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार ने 19 जून तक अपने डायरेक्ट टैक्स टारगेट का 18.21 प्रतिशत हासिल कर लिया। 10 जुलाई तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन टारगेट का 22.34 प्रतिशत तक हासिल कर लिया गया है। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) से 78,000 करोड़ रुपये हासिल करना है।