नए इनकम टैक्स कानून से 'असेसमेंट ईयर' बन जाएगा 'टैक्स ईयर', जानिए टैक्सपेयर्स पर क्या होगा असर

नए Income Tax Act, 2025 में ‘Assessment Year’ की जगह ‘Tax Year’ लाया जा रहा है। इससे टैक्स फाइलिंग और असेसमेंट एक ही साल में होगा। जानिए इस बदलाव का टैक्सपेयर्स पर क्या असर होगा।

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 11:10 PM
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नए कानून में फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर वाले दोहरे सिस्टम को खत्म किया जा रहा है।

इनकम टैक्स कानूनों की भाषा आम करदाताओं के लिए हमेशा से थोड़ी मुश्किल रही है। Financial Year, Previous Year और Assessment Year जैसे शब्द खासतौर पर ITR भरते समय लोगों को कन्फ्यूज करते रहे हैं। इसी उलझन को खत्म करने के लिए सरकार ने नए Income Tax Act, 2025 में एक बड़ा बदलाव किया है।

नया Income Tax Act, 2025 क्या कहता है?

नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके तहत ‘Tax Year’ की नई अवधारणा लाई जा रही है। यह ‘Previous Year’ और ‘Assessment Year’ दोनों की जगह लेगी। सरकार का मकसद टैक्स फाइलिंग और टैक्स असेसमेंट को ज्यादा आसान और समझने लायक बनाना है।


अब तक टैक्स सिस्टम कैसे काम करता था?

मौजूदा व्यवस्था, यानी Income-tax Act, 1961 के तहत जिस साल आय कमाई जाती थी, उसे Financial Year कहा जाता था। लेकिन उस आय पर टैक्स का आकलन अगले साल किया जाता था, जिसे Assessment Year कहा जाता था।

उदाहरण के तौर पर, FY 2024-25 में कमाई गई आय को AY 2025-26 में दिखाया और असेस किया जाता था। यही दो अलग-अलग सालों की व्यवस्था सबसे बड़ी कन्फ्यूजन की वजह बनती थी, क्योंकि आय एक साल की होती थी और उसका टैक्स अगले साल जुड़ता था।

ITR फाइलिंग में क्या बदलाव दिखेगा?

नए कानून में फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर वाले दोहरे सिस्टम को खत्म किया जा रहा है। अब जिस साल आय होगी, उसी साल उसकी रिपोर्टिंग और टैक्स असेसमेंट भी होगा। यानी Tax Year वही होगा जिसमें आय कमाई गई है।

नई व्यवस्था के तहत किसी भी साल में कमाई गई आय की रिपोर्टिंग और असेसमेंट उसी Tax Year में होगी। इससे टैक्सपेयर्स के लिए यह साफ रहेगा कि वे किस साल की आय के लिए ITR भर रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बदलाव सिर्फ प्रक्रिया से जुड़ा है। टैक्स स्लैब या टैक्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2025-26 के ITR पर इसका क्या असर पड़ेगा?

Tax Year सिस्टम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका पूरा असर 2026-27 से होने वाली टैक्स फाइलिंग में दिखेगा। हालांकि, 2025-26 का ITR भरते समय भी करदाताओं को इस बदलाव को ध्यान में रखना होगा।

आने वाले समय में ITR फॉर्म्स, टैक्स नोटिस, असेसमेंट ऑर्डर और कंप्लायंस से जुड़े दस्तावेजों में ‘Assessment Year’ की जगह ‘Tax Year’ शब्द का इस्तेमाल होगा। टैक्स से जुड़ा पूरा कम्युनिकेशन ज्यादा सरल और सीधा हो जाएगा।

आम करदाता के लिए इसका सीधा मतलब

सरल शब्दों में कहें तो अब 'एक साल आय, अगले साल टैक्स' वाला झंझट खत्म होगा। जिस साल कमाई होगी, उसी साल टैक्स फाइलिंग और असेसमेंट होगा। यह बदलाव खासकर पहली बार टैक्स भरने वालों के लिए सिस्टम को ज्यादा आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाएगा।

सरकार का यह कदम टैक्स कंप्लायंस को सरल बनाने और करदाताओं के लिए ज्यादा स्पष्ट और समझने योग्य टैक्स सिस्टम तैयार करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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