नए लेबर कोड में आईटी एंप्लॉयीज के लिए बड़ा तोहफा, हर महीने 7 तारीख तक आ जाएगी सैलरी

नए लेबर कोड्स में नाइट शिफ्ट्स में काम करने वाली महिला एंप्लॉयीज की सुरक्षा के खास प्रावधान शामिल हैं। साथ ही इसके जरिए 'समान काम के लिए समान वेतन' का सिद्धांत लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि पुरुष और महिला की सैलरी में किसी तरह का फर्क नहीं होगा

अपडेटेड Nov 21, 2025 पर 6:53 PM
सरकार ने 21 नवंबर को चार नए लेबर कोड लागू कर दिए।

आईटी एंप्लॉयीज को नए लेबर कोड से एक बड़ा तोहफा मिला है। उनकी सैलरी हर महीने की 7 तारीख तक बैंक अकाउंट में आ जाएगी। यह नियम आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज के के एंप्लॉयीज के लिए भी लागू होगा। सरकार ने 21 नवंबर को चार नए लेबर कोड लागू कर दिए। इसे वर्कफोर्स से जुड़े नियमों में बड़े रिफॉर्म्स के रूप में देखा जा रहा है।

नए लेबर कोड्स से वर्कर्स की ताकत बढ़ेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए लेबर कोड के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें कहा गया है, "आज हमारी सरकार ने चार नए लेबर कोड्स लागू कर दिए। यह आजादी के बाद सबसे बड़े और प्रोग्रेसिव लेबर-आधारित रिफॉर्म्स में से एक है। यह हमारे वर्कर्स की ताकत बढ़ाता है। इससे कंप्लायंस को आसान बनाने में मदद मिलेगी और ईज ऑप डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।"


नए लेबर कोड्स पुराने कानूनों की जगह लेंगे

सरकार ने जिन चार नए लेबर कोड्स लागू किए हैं, उनमें-कोड ऑन वेजेज (2019), इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (2020), कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी और ऑक्पुयपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडिशंस (OSHWC) कोड (2020) शामिल हैं। इन कोड्स ने केंद्र सरकार के पहले से लागू 29 सेंट्रल लेबर लॉज की जगह ली है। इसमें वर्कर्स के हित में कई नए प्रावधान शामिल हैं।

समान काम के लिए समान वेतन का नियम लागू

नए लेबर कोड्स में नाइट शिफ्ट्स में काम करने वाली महिला एंप्लॉयीज की सुरक्षा के खास प्रावधान शामिल हैं। साथ ही इसके जरिए 'समान काम के लिए समान वेतन' का सिद्धांत लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि पुरुष और महिला की सैलरी में किसी तरह का फर्क नहीं होगा। इससे वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

उत्पीड़न, भेदभाव की शिकायतों का जल्द निपटारा

उत्पीडन, भेदभाव और वेतन से संबंधित शिकायतों के जल्द निपटारे का प्रावधान भी नए लेबर कोड में शामिल है। फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट और एप्वाइंटमेंट लेटर्स के अनिवार्य नियम से वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी की गारंटी मिलेगी। सरकार ने कहा है कि नए लेबर कोड्स के लागू होने के बाद भारत में वर्कर्स से जुड़े कानून ग्लोबल स्टैंडर्ड के हो गए हैं।

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2047 तक भारत को विकसिद देश बनाने में मिलेगी मदद

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी नए लेबर कोड्स के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने इसके कई फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इससे 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के सरकार के टारगेट को हासिल करने में आसानी होगी।

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