Old Tax System: क्या होम लोन वालों के लिए पुराना टैक्स सिस्टम अब भी फायदेमंद है? जानिये कैलकुलेशन

New Tax Regime: बजट 2025 में सरकार ने नए टैक्स सिस्टम में बड़ी राहत दी है। अब नए टैक्स रिजीम में बेसिक टैक्स छूट की लिमिट 12 लाख रुपये कर दी गई है। यानी, इतने सालाना वेतन पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए किसी डिडक्शन यानी छूट का क्लेम नहीं करना होगा

अपडेटेड May 12, 2025 पर 1:12 PM
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New Tax Regime: बजट 2025 में सरकार ने नए टैक्स सिस्टम में बड़ी राहत दी है।

New Tax Regime: बजट 2025 में सरकार ने नए टैक्स सिस्टम में बड़ी राहत दी है। अब नए टैक्स रिजीम में बेसिक टैक्स छूट की लिमिट 12 लाख रुपये कर दी गई है। यानी, इतने सालाना वेतन पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए किसी डिडक्शन यानी छूट का क्लेम नहीं करना होगा। इससे ज्यादातर सैलरी पाने वाले लोग सीधे फायदे में हैं। लेकिन इसके साथ ही कई टैक्स बचाने वाले टैक्स सेविंग ऑप्शन अब पुराने हो गए हैं। क्या होम लोन पुराने टैक्स सिस्टम रीजीम वालों के लिए अभी भी फायदेमंद है?

पुराने टैक्स सिस्टम की कटौतियां अब नहीं मिलेंगी

नए टैक्स रीजीम में HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस, LTA  यानी लीव ट्रैवल अलाउंस, सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली छूट जैसे PPF और ELSS आदि और सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट अब नहीं मिलती। सबसे बड़ा झटका होम लोन लेने वालों को लगा है। होम लोन के ब्याज पर सालाना 2 लाख रुपये तक की छूट (सेक्शन 24(b) के तहत मिलती है। साथ ही होम लोन प्रिंसिपल के पेमेंट पर 80C में 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती थी।


क्या होम लोन के कारण अब भी पुराना सिस्टम बेहतर है?

ये पूरी तरह आपकी इनकम और छूटों पर निर्भर करता है। अगर आपकी इनकम ज्यादा है और आप HRA, PPF, NPS जैसी छूटों का पूरा फायदा उठा रहे हैं, तो पुराना सिस्टम अब भी बेहतर साबित हो सकता है।

अगर आपकी सालाना इनकम 14 लाख रुपये है, तो कम से कम 5.74 लाख रुपये की टैक्स छूट होनी चाहिए (यानी 41%) ताकि पुराना सिस्टम फायदेमंद साबित हो। यदि आपकी इनकम 20 लाख रुपये है, तो लगभग 7.6 लाख रुपये की छूट (38%) होनी चाहिए तभी पुराना टैक्स सिस्टम बेहतर रहेगा।

नए टैक्स सिस्टम में भी होम लोन पर फायदा

नए टैक्स सिस्टम में खुद के रहने वाले घर पर ब्याज की छूट नहीं मिलती, लेकिन अगर आप प्रॉपर्टी किराए पर देते हैं, तो मिली हुई किराये की आमदनी तक होम लोन ब्याज पर छूट मिल सकती है। मान लीजिए अगर नवीन को किराए से 1 लाख रुपये मिलते हैं और वह ब्याज में 5 लाख रुपये दे रहे हैं, तो उन्हें सिर्फ 1 लाख रुपये की छूट मिलेगी। बाकी 4 लाख को वे भविष्य में उस प्रॉपर्टी की परचेजिंग कॉस्ट में जोड़ सकते हैं, जिससे बेचते समय कैपिटल गेन टैक्स कम हो जाएगा।

नया टैक्स रीजीम किसके लिए है फायदेमंद

अगर आपकी इनकम कम है और आप ज्यादा छूट नहीं लेते, तो नया टैक्स सिस्टम आसान और फायदेमंद है। लेकिन यदि आप होम लोन, HRA, PPF जैसी कई छूट लेते हैं, तो पुराना सिस्टम अब भी आपको ज्यादा टैक्स बचा सकता है।

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