Noida Property Registry: नोएडा के हजारों घर खरीदारों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक 57 में से 42 रियलटर्स ने हाउसिंग प्रोजेक्ट का पेमेंट करने के लिए सहमत हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण ने रीयलटर्स को 12 मई 2024 तक बकाया चुकाने का निर्देश दिया है। इसका मतलब यह है कि नोएडा में घर खरीदने वाले या खरीद चुके होम बायर्स अपने फ्लैट की रजिस्ट्री अगस्त के अंत तक करा सकते हैं।
नोएडा में घर लेने वाले काफी सारे होमबायर्स लंबे समय से अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने का इंतजार कर रहे हैं। नोएडा में कुछ साल पहले घरों की रजिस्ट्री बंद हो गई थी, जो अभी तक शुरू नहीं हुई है। नोएडा में होम बायर्स काफी समय से घरों की रजिस्ट्री खुलने का इंतजार कर रहे हैं। अब हो सकता है कि नोएडा में रजिस्ट्री पेमेंट होने के अगले 90 दिन में खुल सकती है।
दिसंबर 2023 में उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा विकास प्राधिकरणों को 90 दिनों के अंदर कानूनी मामलों में फंसे सभी फ्लैटों को रजिस्ट्री करने के लिए कहा। यूपी सरकार की नीति के तहत बिल्डरों के 25% बकाया अमाउंट चुकाने के बाद ही रुके हुए फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो सकता है। बैलेंस 75% का पेमेंट अगले एक से 3 सालों में किया जाएगा। 9 अप्रैल तक 15 रियल्टर्स ने बकाया पेमेंट कर दिया था और उन्हें 1,400 अपार्टमेंट रजिस्टर करने की इजाजत मिल गई थी। नोएडा प्राधिकरण ने 13,600 अपार्टमेंट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया की अनुमति दी है।
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक पैरामाउंट प्रोपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने सेक्टर 137 में अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए ₹8.10 करोड़ का पेमेंट किया है। ओमेक्स बिल्डवेल लिमिटेड ने 25% बकाया के रूप में ₹11.45 करोड़ का पेमेंट किया है। नोएडा के सेक्टर 70 में पैन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹37.69 करोड़ के कुल बकाए में से ₹4 करोड़ का पेमेंट किया है। एसडीएस इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड ने सेक्टर 45 स्थित अपने प्रोजेक्ट में बकाया ₹18.43 करोड़ में से ₹9 करोड़ का पेमेंट किया है।
कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अनुसार आने वाले सालों में भारतीय रियल एस्टेट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण असर डालेगा। क्रेडाई की एक रिपोर्ट के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर का बाजार साइज 2034 तक 1.3 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 5.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।