NPS Exit Rules: एनपीएस से पैसे निकालने के लिए 60 साल उम्र का नहीं करना पड़ेगा इंतजार, जानिए क्या हैं नए नियम

NPS Exit Rules: पीएफआरडीए ने पांच साल के मिनिमम लॉक-इन पीरियड को हटा दिया है। पहले सब्सक्राइबर्स को स्कीम से बाहर निकलने के लिए कम से कम पांच साल तक निवेश जरूरी था। अब सब्सक्राइबर्स पांच साल से पहले भी पैसे निकाल सकेंगे

अपडेटेड Feb 19, 2026 पर 6:00 PM
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पीएफआरडीए ने नॉर्मल एग्जिट के लिए एकमुश्त विड्रॉल लिमिट को भी बढ़ा दिया है।

NPS Exit Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है। पेंशन रेगुलेटर पीएफआरडीए ने एनपीएस से एग्जिट के नियमों को आसान बना दिया है। उसने ऑल सिटीजन मॉडल के तहत नियमों में बदलाव किया है। इससे एनपीएस के सब्सक्राइबर्स आसानी से अपने पैसे निकाल सकेंगे।

NPS में बढ़ेगी आम लोगों की दिलचस्पी

पीएफआरडीए ने नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर को ध्यान में रख यह बदलाव किया है। नए नियम एनपीएस के ऑल सिटीजन मॉडल्स के तहत कॉमन स्कीम और मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) पर एकसमान लागू होंगे। एनपीएस से एग्जिट के नियमों को आसान बनाने से इस रिटायरमेंट स्कीम में आम लोगों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है।


पांच साल का लॉक-इन हटा

सबसे बड़ा बदलाव एनपीएस- ऑल सिटीजन मॉडल में नॉर्मल एग्जिट के लिए लॉक-इन पीरियड से जुड़ा है। पीएफआरडीए ने पांच साल के मिनिमम लॉक-इन पीरियड को हटा दिया है। पहले सब्सक्राइबर्स को स्कीम से बाहर निकलने के लिए कम से कम पांच साल तक निवेश जरूरी था। अब सब्सक्राइबर्स पांच साल से पहले भी पैसे निकाल सकेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे जरूरत पड़ने पर सब्सक्राइबर्स एनपीएस से अपने पैसे निकाल सकेंगे।

वेस्टिंग पीरियड के नियमों में भी बदलाव

वेस्टिंग पीरियड से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया गया है। सब्सक्राइबर्स को 15 साल बाद या 60 की उम्र में (दोनों में से जो पहले होगा) स्कीम से बाहर निकलने की इजाजत होगी। पहले सब्सक्राइबर्स को स्कीम से पैसे निकालने के लिए उम्र 60 साल होने तक इंतजार करना पड़ता था। कॉर्पोरेट सेक्टर के सब्सक्राइबर्स के लिए वेस्टिंग पीरियड में अपरिवर्तित रहेगा। वे पहले की तरह रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंचने पर ही पैसे निकाल सकेंगे।

एकमुश्त विड्रॉल लिमिट भी बढ़ाई गई

पीएफआरडीए ने नॉर्मल एग्जिट के लिए एकमुश्त विड्रॉल लिमिट को भी बढ़ा दिया है। सब्सक्राइबर्स अब अपने कॉर्पस के 80 फीसदी तक एकमुश्त निकाल सकेंगे। पहले एकमुश्त कॉर्पस का 60 फीसदी तक पैसा निकालने की इजाजत थी। एन्युटी खरीदने की मिनिमम लिमिट को भी 40 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। इससे रिटायरमेंट पर सब्सक्राइबर्स के हाथ में ज्यादा पैसे होंगे।

80 फीसदी तक कॉर्पस निकालने की इजाजत

एसबीआई पेंशन फंड्स के एमडी और सीईओ प्रणय रंजन द्विवेदी ने कहा, "सब्सक्राइबर्स अब 80 फीसदी तक कॉर्पस निकाल सकेंगे। इसमें से 60 फीसदी पूरी तरह से टैक्स फ्री होगा। बाकी 20 फीसदी पैसे का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए करना होगा।" सब्सक्राइबर्स के निधन पर पूरा पैसा नॉमिनी को एकमुश्त निकालने की इजाजत होगी। हालांकि, एन्युटी खरीदने का विकल्प उपबल्ध होगा।

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