NPS Swasthya scheme: इन 10 सवाल और जवाब के जरिए आसानी से समझें क्या है एनपीएस स्वास्थ्य स्कीम
एनपीएस स्वास्थ्य एक एनपीएस स्कीम है, जिसका मकसद एक रिटायरमेंट फंड तैयार करने के साथ ही इनवेस्टर को हेल्थ इंश्योरेंस और हेल्थ से संबंधित सर्विसेज ऑफर करना है। पीएफआरडीए ने इस स्कीम के बारे में 18 सितंबर को एक सर्कुलर जारी किया है। यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है
ऐसा कोई व्यक्ति जो एनपीएस का सब्सक्राइबर बन सकता है, वह एनपीएस स्वास्थ्य का भी फायदा उठा सकता है।
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने एनपीएस स्वास्थ्य स्कीम के नए नियम पेश कर दिए हैं। इस स्कीम को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। आखिर यह स्कीम क्या है, इस स्कीम में निवेश के क्या फायदे हैं, यह स्कीम किसके लिए हैं? आइए ऐसे सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
एनपीएस स्वास्थ्य क्या है?
एनपीएस स्वास्थ्य एक एनपीएस स्कीम है, जिसका मकसद एक रिटायरमेंट फंड तैयार करने के साथ ही इनवेस्टर को हेल्थ इंश्योरेंस और हेल्थ से संबंधित सर्विसेज ऑफर करना है।
एनपीएस स्वास्थ्य का फायदा कौन उठा सकता है?
ऐसा कोई व्यक्ति जो एनपीएस का सब्सक्राइबर बन सकता है, वह एनपीएस स्वास्थ्य का भी फायदा उठा सकता है। इस बारे में पीएफआरडीए की गाइडलाइंस में सभी शर्तों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
क्या हेल्थ इंश्योरेंस अनिवार्य है?
हां, एनपीएस स्वास्थ्य के दो पार्ट्स हैं। इनमें एनपीएस स्वास्थ्य इनवेस्टमेंट अकाउंट और एक एक सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी शामिल है। इंश्योरेंस पॉलिसी लेना अनिवार्य है।
इसमें शुरुआत में कम से कम कितना कंट्रिब्यूशन जरूरी है?
शुरुआती कंट्रिब्यूशन में पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम, हेल्थ बेनेफिट एडमिनिस्ट्रेटर के लिए 200 रुपये का सालाना मेंटेनेंस चार्ज, अप्लिकेबल टैक्स और एनपीएस स्वास्थ्य अकाउंट में 1000 रुपये का निवेश शामिल है।
बाद में कम से कम कितना कंट्रिब्यूशन करना होगा?
बाद में कम से कम 10 रुपये का कंट्रिब्यूशन जरूरी है। कंट्रिब्यूशंस का इनवेस्टमेंट पीएफआरडीए की गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा।
क्या सब्सक्राइबर इलाज के खर्च के लिए पैसे निकाल सकता है?
सब्सक्राइबर एलिजिबल हेल्थकेयर एक्सपेंसेज के लिए कुछ पैसे निकाल सकता है। इसमें एलिजिबल आउटपेशेंट और इनपेंशेंट एक्सपेंसेज शामिल हैं। एनपीएस स्वास्थ्य अकाउंट में किए गए कुल कंट्रिब्यूशन के 25 फीसदी से ज्यादा निकालने की इजाजत नहीं होगी।
सब्सक्राइबर कितनी बार हेल्थकेयर के लिए पैसे निकाल सकता है?
पैसे निकालने (partial withdrawal) की संख्या की कोई लिमिट तय नहीं की गई है। पहली बार या उसके बाद पैसे निकालने के लिए कोई वेटिंग पीरियड भी तय नहीं की गई है। हालांकि, कितना पैसा निकाला जा सकता है, इसकी जो लिमिट तय है वह लागू होगी। पैसा सीधे सब्सक्राइबर को देने की जगह हॉस्पिटल या हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दी जाएगी।
हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कौन-कौन कवर होगा?
स्टैंडर्ड पॉलिसी में फैमिली फ्लोटर के तहत सब्सक्राइबर, पत्नी/पति और दो तक आश्रित बच्चे कवर होंगे। स्कीम में एंट्री की उम्र 18 से 70 साल है। पॉलिसी के नियम और शर्तों के मुताबिक, इसे 85 साल तक रिन्यू किया जा सकता है।
इंश्योरेंस कवर के विकल्प क्या है?
स्टैंडर्ड पॉलिसी फैमिली फ्लोटर के तहत 1 लाख रुपये, 5 लाख रुपये, 10 लाख रुपये और 30 लाख रुपये के सम एश्योर्ड (कवर) के विकल्प उपलब्थ हैं। इसके हिसाब से कुल सालाना डिडक्शंस 10,000 रुपये, 50,000 रुपये, 1 लाख रुपये और 3 लाख रुपये होंगे।
एनपीएस स्वास्थ्य में इंश्योरेंस प्रीमियम कैसे काम करेगा?
इंश्योरेंस प्रीमियम बीमा कंपनी की तरफ से IRDAI के फ्रेमवर्क के तहत तय किया जाएगा। इसका अमाउंट सब्सक्राइबर की एंट्री-एज बैंड पर निर्भर करेगा, जिसमें 18-40 साल, 40 से 60 साल और 60-70 साल के बैंड शामिल होंगे। पहले साल का प्रीमियम टैक्स के साथ अपफ्रंट चुकाना होगा। यह न्यूनतम शुरुआती कंट्रिब्यूश का हिस्सा होगा। रिन्यूअल के समय प्रीमियम का पेमेंट एनपीएस स्वास्थ्य कॉर्पस से किया जा सकता है।
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