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NRI से प्रॉपर्टी खरीदने के नियम होंगे आसान, टीडीएस कंप्लायंस के नियम 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे

1 अक्टूबर, 2026 से अगर कोई रेजिडेंट इंडिविजुअल या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) किसी एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदता है तो उसे टीडीएस डिडक्ट करने के लिए TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी जगह सरकार एक चालान-कम-स्टेटमेंट या रिटर्न फॉर्म पेश करेगी, जो रेजिडेंट सेलर्स के ट्रांजेक्शन के नियम जैसा होगा

Abhishek Anejaअपडेटेड Feb 03, 2026 पर 9:53 PM
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने के नियम होंगे आसान, टीडीएस कंप्लायंस के नियम 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे
टैक्स के नियम को आसान बनाने के लिए कंप्लायंस को काफी आसान बनाने का प्रस्ताव बजट 2026 में पेश किया गया है।

नॉन-रेजिडेंट इंडियन (एनआरआई) से प्रॉपर्टी खरीदने के नियम टैक्स के लिहाज से काफी जटिल रहे हैं। इसके मुकाबले किसी रेजिडेंट से प्रॉपर्टी खरीदना आसान रहा है। लेकिन, 1 अक्तूबर, 2026 से ये नियम बदलने जा रहे हैं। यूनियन बजट 2026 में इसके लिए एक प्रस्ताव पेश हुआ है, जो स्वागतयोग्य है। इसका मकसद एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने के टैक्स के नियमों को आसान बनाना है।

अभी क्या हैं नियम?

अभी के नियम के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी रेजिडेंट से प्रॉपर्टी खरीदता है तो टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) को फॉर्म-26क्यूबी को भरकर आसानी से डिपॉजिट किया जा सकता है। यह चालान कम स्टेटमेंट फॉर्म है। इसका मतलब है कि प्रॉपर्टी खरीदने वाले व्यक्ति को एक अलग टैक्स डिडक्टेड एंड लेक्शन अकाउंट नंबर (TAN) लेने की जरूरत नहीं पड़ती है।

लेकिन, अगर प्रॉपर्टी बेचने वाला एनआरआई है तो नियम काफी सख्त हो जाते हैं। खरीदार को निम्मलिखित काम करने पड़ते हैं:

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