अगर प्रॉपर्टी ज्वाइंटली खरीदी गई है तो हर प्रत्येक को-ओनर अपने ओनरशिप और लोन रीपेमेंट में शेयर के हिसाब से टैक्स बेनेफिट्स क्लेम कर सकता है। सवाल है कि क्या इनकम टैक्स की नई रीजीम और पुरानी रीजीम में टेक्स बेनेफिट्स क्लेम करने के नियम में क्या कोई अंतर है? दरअसल, दिल्ली के शुभम सिंह ने ऐसी प्रॉपर्टी पर टैक्स बेनेफिट्स के नियमों के बारे में एक सवाल पूछा है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर ज्वाइंटली एक फ्लैट खरीदा है। इसके लिए दोनों ने ज्वाइंटली होम लोन लिया है।
होम लोन पर टैक्स बेनेफिट्स क्लेम करने के नियम
सिंह ने बताया है कि पहले से उनके नाम से एक घर है, जिसमें वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे भी वे इसी घर में रहते रहेंगे। उन्होंने इस घर को बनवाने के लिए एक लोन लिया था, जिस पर उन्होंने टैक्स बेनेफिट्स क्लेम किया है। यह लोन पूरी तरह चुकाया गया है और 2022 में यह बंद हो गया। नई प्रॉपर्टी उनकी दूसरी प्रॉपर्टी होगी और उनकी पत्नी की पहली प्रॉपर्टी होगी। उनका सवाल है कि वह और उनकी पत्नी नई प्रॉपर्टी पर सेक्शन 24बी के तहत इंटरेस्ट पर सेक्शन 80सी के तहत प्रिंसिपल पर मैक्सिमम कितना डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं? मनीकंट्रोल ने यह सवाल टैक्स एक्सपर्ट और सीए बलवंत जैन से पूछा।
रेंंट पर दिए घर पर टैक्स बेनेफिट्स क्लेम करने के नियम
जैन ने कहा कि ऐसा लगता है कि शुभम सिंह नई प्रॉपर्टी का पजेशन मिल जाने के बाद उसे रेंट पर लगा देंगे। चूंकि यह प्रॉपर्टी किराया पर दी जाने वाली है जिससे सिंह और उनकी पत्नी दोनों रेंटल इनकम पर 30 फीसदी स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम कर सकेंगे। बाकी अमाउंट पर सिंह होम लोन के अपने पूरे इंटरेस्ट पार्ट पर डिडक्शन क्लेम कर सकेंगे। यह ध्यान रखना जरूरी है कि दोनों होम लोन में शेयर और घर में शेयर के बीच फर्क हो सकता है।
रेंट इनकम पर टैक्स प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी के अनुपाम में लगेगा
उन्होंने कहा कि रेंट इनकम पर टैक्स प्रॉपर्टी में उनकी हिस्सेदारी के अनुपात में देना होगा। अगर सिंह ओल्ड टैक्स रीजीम को सेलेक्ट करते हैं तो वह किसी दूसरी इनकम (सैलरी इनकम सहित) के साथ 'इनकम फ्रॉ हाउस प्रॉपर्टी' हेड के तहत किसी लॉस को सेट-ऑफ कर सकते हैं। एक साल में इसकी सीमा 2 लाख रुपये तक होगी। अगर इसके बाद भी लॉस बच जाता है उसे हाउस प्रॉपर्टी इनकम के साथ सेट-ऑफ करने के लिए बाद से 8 सालों तक सेट-ऑफ किया जा सकता है।
नई रीजीम में लॉस को सेट-ऑफ करने की इजाजत नहीं
उन्होंने कहा कि अगर सिंह नई टैक्स रीजीम को सेलेक्ट करते हैं तो वह 30 फीसदी डिडक्शन के बाद रेंटल इनकम के अपने हिस्से पर ही इंटरेस्ट पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि समान साल (same year) में हुई इनकम के साथ 'इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी' हेड के तहत लॉस को सेट-ऑप करने की इजाजत नहीं है। न ही इसे बाद के सालों में सेट-ऑफ के लिए कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है।
सिर्फ ओल्ड रीजीम में प्रिंसिपल पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत
जैन ने कहा कि जहां तक प्रिंसिपल पेमेंट की बात है तो सिंह सेक्शन 80सी के तहत दूसरे आइटम्स के साथ हर साल 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा तभी होगा, जब उन्होंने ओल्ड टैक्स रीजीम सेलेक्ट किया होगा। अगर उन्होंने नई टैक्स रीजीम सेलेक्ट किया है तो वह सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकते है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि दोनों डिडक्शन सिर्फ घर का कंस्ट्रक्शन पूरा होने और पेजेशन मिलने के साल से क्लेम किया जा सकता है।