आजकल नौकरी बदलना आम बात है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी समस्या सामने आती है दो PF अकाउंट बन जाना। जब कर्मचारी नई कंपनी जॉइन करता है तो उसके लिए नया PF अकाउंट खुल जाता है, जबकि पुराना अकाउंट भी सक्रिय रहता है। ऐसे में कर्मचारी के पास दो या उससे अधिक PF अकाउंट हो जाते हैं। अगर इन्हें समय पर मर्ज न किया जाए तो भविष्य में निकासी और टैक्स से जुड़ी दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।
PF अकाउंट मर्ज क्यों जरूरी है?
PF अकाउंट मर्ज करने से आपका पूरा बैलेंस एक ही जगह सुरक्षित रहता है और ब्याज का लाभ भी लगातार मिलता है। अगर अकाउंट अलग-अलग रह गए तो ब्याज की गणना और निकासी में दिक्कतें आ सकती हैं। साथ ही, टैक्स नियमों के हिसाब से भी मर्ज करना फायदेमंद है।
- हर कर्मचारी को एक UAN (Universal Account Number) दिया जाता है, जो स्थायी होता है।
- EPFO पोर्टल पर जाकर KYC अपडेट करना जरूरी है।
- इसके बाद Form-13 भरकर पुराने अकाउंट का बैलेंस नए अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है।
- मर्ज होने के बाद पुराना अकाउंट खाली हो जाता है लेकिन रिकॉर्ड में मौजूद रहता है।
टैक्स नियम: कब PF निकासी टैक्स-फ्री है?
- अगर कर्मचारी ने 5 साल या उससे अधिक सेवा की है, तो PF निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
- लेकिन अगर सेवा अवधि 5 साल से कम है और कर्मचारी PF निकालता है, तो उस पर TDS और इनकम टैक्स लग सकता है।
- अगर अकाउंट मर्ज नहीं किया गया और अलग-अलग अकाउंट से निकासी की गई, तो टैक्स का बोझ और बढ़ सकता है।
कर्मचारियों के लिए अहम सलाह
- नौकरी बदलते ही नया PF अकाउंट बनता है, इसलिए तुरंत मर्ज की प्रक्रिया शुरू करें।
- EPFO की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से यह प्रक्रिया आसानी से की जा सकती है।
- कोशिश करें कि 5 साल से पहले PF निकासी न करें, ताकि टैक्स से बचा जा सके।
- मर्ज करने से आपका पैसा सुरक्षित रहेगा और रिटायरमेंट फंड मजबूत बनेगा।
PF अकाउंट मर्ज करना हर नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए बेहद ज़रूरी कदम है। यह न केवल आपके पैसे को सुरक्षित रखता है बल्कि टैक्स से जुड़ी जटिलताओं से भी बचाता है। सही समय पर मर्ज और समझदारी से निकासी करने पर आपका रिटायरमेंट फंड और भी मजबूत बन सकता है।