आज के समय में परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) भी आधार कार्ड की तरह जरूरी दस्तावेज बन गया है, खासकर अगर बात वित्तीय लेनदेन की हो तो। यह एक 10-अंकों की अल्फान्यूमेरिक यानी अक्षर और नंबर के मेल वाली पहचान है। यह इंडिविजुअल्स यानी जनता के साथ कंपनियों और संस्थाओं को भी दी जाती है। संगठित क्षेत्र में नौकरी, टैक्स रिटर्न भरने से लेकर शेयर बाजार में निवेश और प्रॉपर्टी खरीदने तक, हर बड़े वित्तीय काम के लिए PAN अनिवार्य है।
