पर्मानेंट अकाउंट नंबर (पैन) के नियमों में कल यानी 1 अप्रैल से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। पैन बनवाने और इसके इस्तेमाल के नियम भी बदलने जा रहे हैं। कई फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस के लिए पैन का इस्तेमाल जरूरी है। सरकार ने कंप्लायंस को आसान बनाने के लिए पैन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।
सिर्फ आधार से नहीं बनेगा पैन
1 अप्रैल से पैन बनवाने के लिए सिर्फ आधार पर्याप्त नहीं होगा। इसका मतलब है कि पैन बनवाने के लिए आपको आधार के अलावा अतिरिक्त डॉक्युमेंट्स सब्मिट करने होंगे, जिनसे आपकी आइडेंटिटी और डेट ऑफ बर्थ वेरिफाय होगी।
पैन बनवाने के लिए जिन डॉक्युमेंट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, उनमें बर्थ सर्टिफिकेट, वोटर आईडी, क्लास 10 का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसें या मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी किया एफडेविट शामिल हैं। यह भी ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन कार्ड पर व्यक्ति का लिखा गया नाम आधार कार्ड पर लिखे नाम से मैच करना जरूरी है।
अब पैन बनवाने के लिए अप्लिकेंट की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग फॉर्म होंगे। इंडिविजुअल्स के लिए फॉर्म 93 होगा। कंपनी के लिए फॉर्म 94 होगा। फॉरेन इंडिविजुअल्स के लिए फॉर्म 95 होगा और फॉरेन एनिटिटीज के लिए फॉर्म 96 होगा।
पैन कार्ड के इस्तेमाल के नियमों में भी बदलाव
1 अप्रैल से पैन का इस्तेमाल तभी जरूरी होगा जब एक वित्त वर्ष में कुल डिपॉजिट या कुल विड्रॉल 10 लाख रुपये से ज्यादा किया जाता है।
अभी छोटी-बड़ी व्हीकल खरीदने के लिए पैन जरूरी है। 1 अप्रैल से जारी होने वाले नए नियम के तहत पैन तभी जरूरी होगा जब व्हीकल की वैल्यू 5 लाख रुपये से ज्यादा होगी।
अभी एक्चुअल प्रीमियम 50,000 रुपये से ज्यादा होने पर पेमेंट के लिए पैन जरूरी है। 1 अप्रैल से हर इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए पैन जरूरी होगा। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि प्रीमियम अमाउंट कितना है।
अभी 10 लाख या इससे ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैन जरूरी है। 1 अप्रैल से 20 लाख या इससे ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने पर पैन अनिवार्य होगा।
अभी होटल, रेस्टॉरेंट या किसी इवेंट के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा के कैश पेमेंट पर पैन जरूरी होता है। 1 अप्रैल से इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा रहा हैष।