PAN कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव लागू हो गया है, जिसका सीधा असर हर उस व्यक्ति पर पड़ेगा जो टैक्स भरता है या बड़े ट्रांजेक्शन करता है। अब पैन बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट, फॉर्म आदि बदल गया है। अब PAN बनवाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा, क्योंकि सरकार ने पहचान की जांच को और सख्त कर दिया है।
अब बदले PAN आवेदन के फॉर्म
नए नियमों के तहत PAN के लिए पुराने फॉर्म 49A और 49AA की जगह अब नए फॉर्म लागू किए गए हैं। भारतीय नागरिकों और कंपनियों को अब Form 93 भरना होगा, जबकि विदेशी नागरिकों और अन्य संस्थाओं को Form 95 का इस्तेमाल करना होगा।
सिर्फ आधार से नहीं बनेगी बात
पहले कई मामलों में सिर्फ आधार कार्ड के जरिए PAN बन जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार PAN आवेदन के लिए आधार के साथ अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट भी जमा करने होंगे। इसके साथ ही PAN कार्ड पर नाम बिल्कुल आधार के अनुसार ही होगा। यानी अब नाम में किसी तरह का फर्क या बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
अब PAN बनवाने के लिए जन्मतिथि का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, वोटर ID, 10वीं की मार्कशीट, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसे डॉक्यूमेंट मान्य होंगे।
PAN के लिए आवेदन करने के लिए आपको NSDL या UTIITSL की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां सही फॉर्म Form 93 या 95 चुनकर अपनी जानकारी भरनी होगी, डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे और फीस जमा करनी होगी। इसके बाद आपको एक acknowledgment नंबर मिलेगा, जिससे आप अपना स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
ट्रांजैक्शन से जुड़े नियम भी बदले
अब एक दिन में 50,000 रुपये की जगह साल भर में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर PAN देना जरूरी होगा। गाड़ी खरीदने या बेचने पर PAN तभी जरूरी होगा, जब कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा हो। होटल या रेस्टोरेंट में 1 लाख रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर PAN देना होगा। प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में PAN की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जा सकती है। इंश्योरेंस से जुड़े नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव है।
सरकार का मकसद इन नियमों के जरिए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर नजर रखना और टैक्स चोरी को रोकना है। PAN को जरूरी बनाकर आय और खर्च का सही रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।