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किराया 50,000 रुपये से ज्यादा है? जानिए कब देना होगा TDS और क्या हैं नियम

अगर आप हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आपके लिए इनकम टैक्स से जुड़ा एक जरूरी नियम जानना बेहद जरूरी है। इनकम टैक्स कानून की धारा 194-IB के तहत ऐसे मामलों में किरायेदार को मकान मालिक को किराया देते समय TDS यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स काटना पड़ता है

Edited By: Sheetalअपडेटेड Mar 09, 2026 पर 11:56 AM
किराया 50,000 रुपये से ज्यादा है? जानिए कब देना होगा TDS और क्या हैं नियम
अगर आप हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आपके लिए इनकम टैक्स से जुड़ा एक जरूरी नियम जानना बेहद जरूरी है।

अगर आप हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आपके लिए इनकम टैक्स से जुड़ा एक जरूरी नियम जानना बेहद जरूरी है। इनकम टैक्स कानून की धारा 194-IB के तहत ऐसे मामलों में किरायेदार को मकान मालिक को किराया देते समय TDS यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स काटना पड़ता है। यह नियम उन लोगों पर लागू होता है जो किसी मकान मालिक को ज्यादा किराया देते हैं।

किस पर लागू होता है यह नियम 

यह नियम उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) पर लागू होता है जो हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा किराया देते हैं। भले ही यह लिमिट साल में सिर्फ एक महीने के लिए ही पार हो, तब भी TDS काटना जरूरी हो सकता है। हालांकि यह प्रावधान उन लोगों के लिए है जो टैक्स ऑडिट के दायरे में नहीं आते। सरकार ने 2017 में यह नियम इसलिए लागू किया था।

सरकार ने यह नियम क्यों बनाया

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