PM Awas Yojana: देश के गरीबों को मुफ्त में पक्का घर देने के लिए केंद्र सरकार ने 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) शुरू की थी। हालांकि, कई जरूरतमंद लोग अब तक इस योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बार फिर सर्वे शुरू किया है। बिहार के सिवान जिले के हसनपुरा प्रखंड में इस योजना को लेकर विशेष बैठक हुई।
पीएम आवास योजना सर्वे की तैयारी
बीडीओ आनंद प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें आवास सहायक, विकास मित्र और पीआरएस (पंचायत राज सचिव) ने हिस्सा लिया। बैठक में योजना की प्रगति पर चर्चा की गई और आने वाले सर्वे अभियान को तेज करने का फैसला लिया गया। 18 फरवरी से 28 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें SC और ST वर्ग के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सर्वे का पूरा काम 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्वे के आंकड़े और पंचायत के मुताबिक स्टेटस
अब तक सिवान जिले के 1539 लोगों का सर्वे पूरा हो चुका है। पंचायतवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
गायघाट पंचायत – 154 लाभार्थी
हरपुर कोटवां – 121 लाभार्थी
मंद्रापाली – 174 लाभार्थी
उसरी खुर्द – 116 लाभार्थी
बीडीओ ने बताया कि सर्वे के तहत एससी/एसटी वर्ग के लाभर्थियों की पहचान की जाएगी और उन्हें इस योजना से जोड़ने के लिए विकास मित्र और आवास सहायक मिलकर काम करेंगे। सरकार की कोशिश है कि हर गरीब को 2026 तक पक्का घर मिल जाए।
इस योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिलेगा जिनके पास पहले से पक्का मकान है। तीन या चार पहिया वाहन हैं। या जिनके पास 50 हजार रुपये या उससे अधिक की लोन लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड है। सरकारी कर्मचारी, गैर-कृषि उद्यम चलाने वाले, 15 हजार रुपये से अधिक मासिक कमाने वाले, आयकर या व्यवसाय कर देने वाले परिवार भी पात्र नहीं हैं। इसके अलावा जिनके पास ढाई एकड़ सिंचित या पांच एकड़ से अधिक असिंचित भूमि है, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।