PM Kisan Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) का लाभ उठाने वाले देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बेहद जरूरी अपडेट सामने आया है। अगर आप भी अपनी खेती-किसानी की जरूरतों के लिए सरकार की इस आर्थिक मदद का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अगली किस्त से जुड़ी अहम जानकारी आ चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से इस योजना की 22वीं किस्त देश के 9.3 करोड़ से ज्यादा पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की थी। अब सभी लाभार्थी किसानों की नजरें 23वीं किस्त के ₹2000 पर टिकी हुई हैं।
कब आएगी ₹2000 की 23वीं किस्त?
पीएम किसान योजना के नियमों के मुताबिक, सरकार किसानों को हर चार महीने में ₹2000 की तीन बराबर किस्तें (सालाना ₹6,000) देती है। ये किस्तें तीन तय अवधियों- अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती हैं।
मार्च में 22वीं किस्त जारी होने के बाद, अब अप्रैल-जुलाई 2026 अवधि की 23वीं किस्त जून से जुलाई 2026 के बीच जारी होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक किसी अंतिम तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
लिस्ट से कट सकता है नाम! तुरंत निपटा लें ये 3 जरूरी काम
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों के कागजात या वेरिफिकेशन अधूरे हैं, उनके खाते में ₹2000 की किस्त रोक दी जाएगी। अपनी किस्त बिना किसी रुकावट के पाने के लिए तुरंत ये काम पूरे कर लें:
e-KYC है अनिवार्य: पीएम किसान पोर्टल के मुताबिक, सभी पंजीकृत किसानों के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी करवा सकते हैं या घर बैठे पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी के जरिए इसे खुद कर सकते हैं।
बैंक खाते से आधार लिंक: आपका वही बैंक खाता एक्टिव होना चाहिए जो आपके आधार कार्ड से लिंक हो। ध्यान रहे कि पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजा जाता है, इसलिए आधार सीडिंग जरूरी है।
भू-सत्यापन: आपके नाम पर कृषि योग्य भूमि का रिकॉर्ड सरकारी डेटाबेस में पूरी तरह वेरिफाई होना चाहिए। जिन मामलों में लैंड वेरिफिकेशन पेंडिंग है, उनकी किस्तें अटक सकती हैं。
इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा
सरकार उन मामलों की फिजिकल वेरीफिकेशन कर रही है जो पात्रता के दायरे में नहीं आते। उदाहरण के लिए जिन किसानों ने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन की ओनरशिप ली है। एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य जैसे- पति और पत्नी दोनों अगर इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, तो जांच पूरी होने तक उनकी किस्तें अस्थाई रूप से रोकी जा सकती हैं।