PMAY 2.0 : प्रधानमंत्री आवास योजना से आसान हो जाता है घर खरीदना, जानिए कैसे उठाएं फायदा
PMAY 2.0 : महंगे घर और ऊंची EMI के दौर में PMAY 2.0 पहली बार घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत है। ब्याज सब्सिडी, टैक्स छूट और आसान लोन विकल्पों से होम ओनरशिप अब ज्यादा सुलभ होती दिख रही है। जानिए कैसे उठाएं फायदा।
सरकारी सपोर्ट का सबसे अहम आधार प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 है।
PMAY 2.0 : घर खरीदना आज भी आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतें और ज्यादा ब्याज दरें बजट पर दबाव डालती हैं। लेकिन सरकार की योजनाओं और बैंकों-हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की नई पहल से पहली बार घर खरीदने वालों को EMI का बोझ कम करने और लंबी अवधि का लोन चुनने में मदद मिल रही है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में फर्स्ट-टाइम होमबायर्स के पास कई विकल्प हैं। इनसे न सिर्फ शुरुआती EMI कम होती है, बल्कि घर की कुल लागत भी घट जाती है।
PMAY 2.0 से सीधी राहत
सरकारी सपोर्ट का सबसे अहम आधार प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 है। इस योजना के तहत पात्र होम लोन लेने वालों को ₹25 लाख तक के लोन पर अधिकतम ₹1.80 लाख की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है।
यह सब्सिडी पांच साल में सालाना किस्तों के रूप में सीधे लोन अकाउंट में डाली जाती है, जिससे बकाया प्रिंसिपल घटता है और EMI अपने-आप कम हो जाती है।
किन आय वर्गों को मिलेगा फायदा
PMAY 2.0 खास तौर पर तय आय वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए सालाना आय सीमा ₹3 लाख तक रखी गई है। लो इनकम ग्रुप (LIG) के लिए यह सीमा ₹3 लाख से ₹6 लाख है।
मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के तहत ₹6 लाख से ₹9 लाख सालाना आय वाले परिवार आते हैं। अन्य जरूरी शर्तें पूरी होने पर ये सभी वर्ग योजना का लाभ ले सकते हैं।
टैक्स छूट से घटता है लोन का बोझ
सब्सिडी के साथ-साथ टैक्स बेनिफिट भी होम लोन को सस्ता बनाते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर सालाना ₹2 लाख तक की कटौती ली जा सकती है।
वहीं धारा 80C के तहत प्रिंसिपल रीपेमेंट पर ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। इन दोनों का फायदा मिलाकर लोन की कुल लागत समय के साथ काफी कम हो जाती है।
बैंकों की फ्लेक्सिबल लोन स्कीमें
लेंडर्स भी पहली बार घर खरीदने वालों के लिए खास प्रोडक्ट्स पेश कर रहे हैं। स्टेप-अप होम लोन में शुरुआत में EMI कम रहती है और आय बढ़ने के साथ धीरे-धीरे बढ़ती है।
अब 30 साल तक की लंबी लोन अवधि आम हो रही है, जिससे हर महीने का भुगतान आसान हो जाता है। इसके अलावा महिलाओं के लिए कम ब्याज दर और कुछ सरकारी योजनाओं से जुड़ी सीमित अवधि की रियायतें भी दी जा रही हैं।
PMAY-U 2.0 क्या है
प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन (PMAY-U) 2.0, शहरी इलाकों में 'सबके लिए आवास' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की योजना है। यह अप्रैल 2022 में शुरू हुई और दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी।
इसके तहत घर खरीदने, बनाने या अपग्रेड करने के लिए वित्तीय सहायता और ब्याज सब्सिडी दी जाती है। योजना में EWS, LIG और MIG वर्ग शामिल हैं और क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) के तहत ₹1.80 लाख तक की राहत मिलती है।
स्कीम का इन पर फोकस
PMAY-U 2.0 में विधवाओं, अकेली महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, SC/ST और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता दी गई है।
राज्यों को घर के साइज और सुविधाओं में लचीलापन दिया गया है। शहरी प्रवासियों के लिए Affordable Rental Housing Complexes (ARHC) और नई कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कितनी मिलती है सरकारी मदद
Affordable Housing in Partnership (AHP) और Beneficiary-Led Construction (BLC) के तहत प्रति घर ₹2.50 लाख तक की केंद्रीय सहायता दी जाती है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का हिस्सा क्षेत्र के अनुसार तय होता है। जैसे कहीं 60:40 तो कहीं 90:10 का फॉर्मूला लागू है। कई राज्य अपनी ओर से अतिरिक्त टॉप-अप सपोर्ट भी देते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया क्या है
PMAY-U 2.0 के लिए आवेदन pmaymis.gov.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिकृत बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से भी आवेदन संभव है।
आवेदन के लिए आधार, आय प्रमाण, पता प्रमाण और यह घोषणा जरूरी है कि आवेदक के नाम पर पहले से कोई पक्का घर नहीं है। इस योजना में आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 तय की गई है।