PPF: पीपीएफ खाताधारक की मृत्यु पर बंद हो जाता है अकाउंट, फिर किसे मिलता है पैसा, जानें नियम

Public Provident Fund - PPF:अगर 15 साल के टाइम पीरियड में पीपीएफ लेने वाले होल्डर की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा? क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है।

अपडेटेड Nov 24, 2022 पर 5:04 PM
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PPF: पीपीएफ खाता धारक की मृत्यु के बाद किसे मिलता है पैसा, ये हैं नियम

Public Provident Fund (PPF): नौकरीपेशा, सेल्फ इम्प्लायड प्रोफेशनल और EPFO के दायरे में नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए PPF निवेश का एक अच्छा विकल्प है। इसके अलावा जिनके पास नौकरी नहीं है, जो बिजनेस कर रहे हैं वह भी पीपीएफ में निवेश कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि पीपीएफ स्कीम को 15 सालों से भी अधिक समय के लिए जारी रखा जा सकता है, ताकि मैच्योरिटी के समय बड़ा फंड खड़ा किया जा सके। लेकिन अगर 15 साल के टाइम पीरियड में पीपीएफ लेने वाले होल्डर की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा? क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है।

मृत्यु होने पर क्या होगा PPF का?

मान लीजिए किसी ने पीपीएफ में 15 साल के लिए निवेश किया। वह हर महीने या साल में एक बार अपने इस निवेश में पैसा डालता है। अगर इस बीच यानी 8 या 10 साल बाद कभी भी पीपीएफ धारक की मृत्यु हो जाती है नॉमिनी को पूरा पैसा मिल जाता है। उस पर 15 साल की मैच्योरिटी का नियम लागू नहीं होता। पीपीएफ खाता नॉमिनी को पैसा देने के बाद बंद कर दिया जाता है।


नॉमिनी को कैसो होता है सेटलमेंट?

नियमों के अनुसार डेथ क्‍लेम का सेटेलमेंट कई कारणों के आधार पर किया जाता है। अगर क्लेम का पैसा 5 लाख रुपये या उससे कम है तो नॉमिनेशन सेटलमेंट डेथ सर्टिफिकेट, रिलेशनशीप प्रूफ या कानूनी सबूत के आधार पर किया जा सकता है। ये अथॉरिटी पर निर्भर करता है। अगर पैसा 5 लाख रुपये से अधिक है तो कानूनी प्रूफ लगाना जरूरी हो जाता है।

15 साल बाद बंद कर सकते हैं पीपीएफ अकाउंट

पीपीएफ एक ऐसा विकल्प है जिसका इस्तेमाल कैश की जरूरत या वित्तीय संकट के समय किया जा सकता है। अपने PPF के पैसे को सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म सबमिट करना होगा जिसमें PPF और सेविंग अकाउंट की डिटेल होगी। इसके अलावा फॉर्म के साथ ओरिजनल पासबुक और कैंसल्ड चेक जमा करना होगा। उसके बाद पीपीएफ का पैसा मैच्योरिटी के बाद आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।

PPF पर मिलते हैं ये फायदे

PPF पर ब्‍याज की दर सरकार तय करती है। इस स्कीम में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। PPF में निवेश करने वाले निवेशक को तीन तरह से टैक्‍स बेनिफिट होते हैं। PPF में निवेश किए गए पैसे पर टैक्स डिडक्शन का लाभ तो मिलता ही है, साथ ही ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर कोई टैक्‍स नहीं लगता है।

टैक्स फ्री होता है पीपीएफ

लंबी अवधि के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ (Public Provident Fund- PPF) को निवेश का एक बेहतर विकल्प माना जाता है। PPF में निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें टैक्स छूट का भी पूरा फायदा मिलता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह एक बेहतर ऑप्शन हैं। PPF में निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली रकम, तीनों पूरी तरह से टैक्स फ्री हैं। यानी, कहीं भी टैक्स नहीं लगता और इसमें किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं रहता है।

 

 

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