Property: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शुरू होते ही NCR के रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेश के लिए जेवर बेहतर है या नोएडा एक्सटेंशन? प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले निवेशक और होमबायर्स के मन में यही सवाल है कि जेवर एयरपोर्ट आने के बाद जेवर एयरपोर्ट के आसपास घर, कमर्शियल प्रॉपर्टी या जमीन खरीदना सही होगा या नोएडा एक्सटेंशन में लेना भविष्य के लिए बेहतर होगा। हालांकि, दोनों ही जगहों के अपने फायदे और जोखिम हैं, जिन्हें समझकर ही फैसला लेना बेहतर होगा।
जेवर - तेजी से उभरती प्रॉपर्टी मार्केट
जेवर एयरपोर्ट के आसपास जमीन की कीमतें 2019 से अब तक दोगुनी हो चुकी हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि 2027 तक इसमें 30-50% तक और बढ़ोतरी हो सकती है। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भी 2026-27 में 20-30% तक ग्रोथ की उम्मीद है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को साथ में विकसित किया जा रहा है, जिससे यह इलाका एक बड़ा आर्थिक हब बन सकता है। हालांकि, यहां कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं और निवेश थोड़ा जोखिम भरा भी माना जा रहा है।
नोएडा एक्सटेंशन - किफायती विकल्प
नोएडा एक्सटेंशन (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) उन लोगों के लिए बेहतर माना जा रहा है जो तुरंत रहने के लिए घर या सेफ निवेश चाहते हैं। यहां पिछले 5 साल में करीब 121% तक प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन अभी भी यह इलाका किफायती बना हुआ है। 1 और 2 BHK फ्लैट्स की कीमत करीब 19-35 लाख रुपये से शुरू हो जाती है, जिससे यह पहली बार घर खरीदने वालों के लिए बेहतर विकल्प है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा फायदा
नोएडा एक्सटेंशन में मेट्रो कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए Aqua Line का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही, गौर चौक पर बनने वाला अंडरपास ट्रैफिक को आसान बनाएगा, जिससे इस इलाके की वैल्यू और बढ़ सकती है।
अगर आप लंबे पीरियड के निवेशक हैं और थोड़ा जोखिम लेने को तैयार हैं, तो जेवर आपके लिए बेहतर हो सकता है। वहीं अगर आप कम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न और तुरंत रहने की सुविधा चाहते हैं, तो नोएडा एक्सटेंशन ज्यादा सही विकल्प है।