महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MahaRERA) ने 5000 से अधिक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी किया है। इसके तहत उन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी किया गया है जिनका रजिस्ट्रेशन देरी के कारण लैप्स हो गया है। महाराष्ट्र में 388 प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के बाद MahaRERA ने यह कदम उठाया है। MahaRERA ने इन रियल एस्टेट डेवलपर्स को चेतावनी दी है कि वे RERA एक्ट के नियमों का पालन करें वरना उनके प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेश को निलंबित या रद्द कर दिया जाएगा।
7000 से अधिक प्रोजेक्ट्स बंद
महारेरा के एक सीनियर ऑफिसर ने नाम न छापने की शर्त पर मनीकंट्रोल को बताया, महाराष्ट्र में 7,000 से अधिक प्रोजेक्ट्स बंद हैं। इनमें से करीब 5000 प्रोजेक्ट्स दिसंबर 2022 तक लैप्स हो गई थीं। हमने नॉन-कंप्लायंस पर पिछले हफ्ते 5000 से अधिक लैप्स प्रोजेक्ट्स के डेवलपर्स को नोटिस जारी किया है।" महाराष्ट्र में करीब 7,400 प्रोजेक्ट्स लैप्स हो गए हैं।
इसलिए जारी किया गया है नोटिस
सीनियर ऑफिसर ने आगे कहा, "ये नोटिस RERA एक्ट की धारा 7 के तहत जारी किए गए। नोटिस इसलिए जारी किए गए हैं क्योंकि कई तरह के उल्लंघन हैं, जिनमें लेटेस्ट क्वाटर्ली प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) अपलोड न करने से लेकर पर्याप्त बुकिंग और मनी कलेक्शन के बावजूद प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी करना शामिल हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "नोटिस जारी कर उन्हें नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है और इसके लिए हम उन्हें एक साल से अधिक समय से चेतावनी दे रहे हैं। हमने चेतावनी दी है और अगर डेवलपर्स अवसर देने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करते हैं तो अगला कदम रजिस्ट्रेशन को निलंबित या रद्द करना हो सकता है।"
RERA एक्ट की धारा 7 क्या है?
RERA एक्ट की धारा 7 के तहत रेगुलेटर के पास MahaRERA प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने का पावर है। अगर प्रमोटर (डेवलपर) किसी भी अनुचित व्यवहार में लिप्त पाया जाता है या घर खरीदारों के हित में रेरा अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करता है तो उनका रजिस्ट्रेश रद्द किया जा सकता है।