यूपी में NCR की तर्ज पर बनेगा SCR! लखनऊ समेत 6 जिलों का बेस मैप मंजूर, देखें डेवलपमेंट प्लान
UP SCR map: उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP SCR) में उत्तर प्रदेश के 6 प्रमुख जिले शामिल किए गए हैं। इनमें लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली शामिल है। रिव्यू कमेटी ने बेस मैप को मंजूरी दे दी है। अब इसे फाइनल मंजूरी के लिए एग्जीक्यूटिव कमेटी के पास भेजा जाएगा
UP SCR map: लखनऊ के विकास को अब शहर की सीमाओं से बाहर ले जाने की तैयारी तेज हो गई है
UP SCR map: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास को अब शहर की सीमाओं से बाहर ले जाने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP SCR) ने मंगलवार (8 सितंबर) को अपनी पहली बड़ी बाधा पार कर ली। यूपी एससीआर ने इसकी रिव्यू कमेटी ने छह जिलों वाले इस क्षेत्र के लिए बेस मैप को मंजूरी दे दी। इसके बाद अब क्षेत्र के लिए GIS आधारित रीजनल मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
UP SCR का उद्देश्य लखनऊ के आसपास एक योजनाबद्ध और आपस में जुड़ा हुआ क्षेत्रीय विकास मॉडल तैयार करना है। इसमें राजधानी के साथ-साथ सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
लखनऊ समेत ये 6 जिले होंगे शामिल
उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP SCR) में लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली जिले शामिल हैं। यह पूरा क्षेत्र करीब 26,741 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। इसका उद्देश्य केवल लखनऊ का विस्तार करना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शहरी विकास, परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाना है।
'बेस मैप' को मंजूरी देने का फैसला लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 'पारिजात सभागार' में हुई समीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। अब इस बेस मैप को UP SCR की कार्यकारी समिति के सामने रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद रीजनल मास्टर प्लान तैयार करने का काम शुरू होगा।
30 बड़े प्रोजेक्ट पर होगा फोकस
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब राज्य सरकार पहले ही UP SCR के लिए बड़े विकास कार्यों की पहचान कर चुकी है। मई में सरकार ने क्षेत्र के लिए प्रमुख परियोजनाओं की सूची तैयार कर संबंधित विभागों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी थीं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई बैठक में परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और पर्यटन से जुड़े 29 प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 30 परियोजनाओं तक पहुंच गई है। LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, इन परियोजनाओं का चयन क्षेत्र की भविष्य की विकास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
सिर्फ लखनऊ नहीं, पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर जोर
UP SCR का सबसे बड़ा लक्ष्य ऐसा विकास नेटवर्क तैयार करना है जिसमें केवल लखनऊ पर निर्भरता न रहे। इसके लिए क्षेत्र के अलग-अलग जिलों को बेहतर सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित योजनाओं में स्टेट कैपिटल माला रीजनल रोड नेटवर्क, एलिवेटेड पेरीफेरल रोड और मौजूदा सड़कों के अपग्रेडेशन जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की भी योजना बनाई जा रही है। इसका मकसद भविष्य में बढ़ने वाली आबादी और हर रोज बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को संभालना और छह जिलों के बीच आवागमन को आसान बनाना है।
इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब भी होंगे विकसित
रीजनल प्लान में आर्थिक विकास को भी बड़ी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स पार्क, फूड पार्क और आर्थिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। विशेष रूप से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के आसपास कॉरिडोर आधारित विकास को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इससे उद्योगों, कारोबार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
2,239 जगहों पर हुई मैप की जमीनी जांच
UP SCR के बेस मैप को तैयार करने में सिर्फ सैटेलाइट तस्वीरों पर निर्भर नहीं किया गया। मैप की सटीकता जांचने के लिए छह जिलों में बड़े स्तर पर फील्ड वेरिफिकेशन यानी ग्राउंड-ट्रुथिंग की गई।
धिकारियों और कंसल्टेंट्स ने 2,239 स्थानों पर जाकर जमीनी स्थिति की जांच की।
सैटेलाइट इमेजरी और मैप में दर्ज जानकारी की तुलना वास्तविक स्थिति से की गई, ताकि मास्टर प्लान तैयार करते समय जमीन से जुड़ी सही और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध हो। इस पूरी प्रक्रिया में 22 विभागों और एजेंसियों से भी विचार-विमर्श किया गया। इनमें विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, रेलवे, वन विभाग, नगर निकाय, सिंचाई विभाग और नगर एवं ग्राम नियोजन से जुड़े विभाग शामिल रहे।
लखनऊ पर बढ़ता दबाव कम करने की कोशिश
UP SCR की सबसे बड़ी सोच यह है कि विकास का लाभ केवल राजधानी लखनऊ तक सीमित न रहे। सरकार चाहती है कि आसपास के जिलों में भी रोजगार, कारोबार, शिक्षा, परिवहन और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विस्तार हो। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों को अपने ही जिले या आसपास रोजगार और कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर अंतर-जिला कनेक्टिविटी होने से लोगों को नौकरी और बेहतर सुविधाओं के लिए लखनऊ की ओर पलायन करने की जरूरत भी कम हो सकती है।
अब बेस मैप को UP SCR की कार्यकारी समिति के सामने रखा जाएगा। इसके बाद इसकी अगली प्रक्रिया पूरी होने पर GIS आधारित रीजनल मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। यही मास्टर प्लान आने वाले वर्षों में छह जिलों में सड़क, रेल, मेट्रो, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और शहरी विस्तार जैसी प्रोजेक्ट्स के लिए दिशा तय करेगा।