EPFO: अब ओवरलैपिंग सर्विस पीरियड के कारण PF ट्रांसफर क्लेम नहीं होगा रिजेक्ट, ईपीएफओ ने बनाए नए नियम

EPFO का अहम फैसला लाखों कर्मचारियों को राहत देगा। अब PF ट्रांसफर क्लेम सिर्फ तारीखों के मेल नहीं होने के कारण अटकेंगे नहीं। EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने PF ट्रांसफर क्लेम्स को लेकर एक अहम जानकारी दी है

अपडेटेड May 26, 2025 पर 5:41 PM
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EPFO का अहम फैसला लाखों कर्मचारियों को राहत देगा।

EPFO का अहम फैसला लाखों कर्मचारियों को राहत देगा। अब PF ट्रांसफर क्लेम सिर्फ तारीखों के मेल नहीं होने के कारण अटकेंगे नहीं। EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने PF ट्रांसफर क्लेम्स को लेकर एक अहम जानकारी दी है। अब यदि दो नौकरियों के बीच सर्विस पीरियड (Service Period) में ओवरलैपिंग यानी तारीखों का मेल नजर आता है, तो सिर्फ इसी कारण से PF ट्रांसफर क्लेम रिजेक्ट नहीं किया जाएगा। EPFO ने 20 मई 2025 को एक सर्कुलर जारी कर यह जानकारी दी है।

EPFO ने कही ये बात

EPFO ने देखा कि कई रीजनल ऑफिस PF ट्रांसफर क्लेम्स को सिर्फ इसलिए खारिज कर रहे थे क्योंकि पुराने और नए नियोक्ता (employer) के रिकॉर्ड में सर्विस की तारीखें ओवरलैप हो रही थीं। लेकिन ऐसा अक्सर कुछ सामान्य और सही कारणों से होता है।


पुराने नियोक्ता के अंतिम वर्किंग डे को रिकॉर्ड करने में देरी होने पर।

नए नियोक्ता के यहां जल्दी जॉइन करने पर।

रिकॉर्ड में टाइपिंग या मैनेजिरियल गलती होने पर।

इन छोटी-छोटी वजहों से कर्मचारियों के PF ट्रांसफर में देरी हो रही थी। अब EPFO ने साफ कहा है कि यदि ओवरलैपिंग के पीछे कोई ऐसा ही कारण है तो क्लेम रिजेक्ट नहीं किया जाना चाहिए।

क्या होता है ओवरलैपिंग सर्विस पीरियड (Overlapping Service Period)?

जब एक कर्मचारी का पिछले संस्थान में जॉब से फ्री (relieving) होने की तारीख और नए संस्थान में शामिल होने की तारीख आपस में मेल खा जाएं या एक-दूसरे को काटती नजर आएं, तो इसे ओवरलैपिंग सर्विस पीरियड कहा जाता है। अक्सर यह तकनीकी गलती या तारीखों की गलत एंट्री से होता है। इसमें कर्मचारी की गलती नहीं होती है।

EPFO का नया नियम क्या कहता है?

EPFO के अनुसार यदि किसी ट्रांसफर क्लेम में ओवरलैपिंग है और जरूरत महसूस हो तो संबंधित अधिकारी कर्मचारी से सफाई मांग सकते हैं, लेकिन केवल ओवरलैपिंग की वजह से क्लेम को खारिज नहीं किया जाएगा। यह कदम PF क्लेम प्रोसस को आसान और तेज बनाने के लिए उठाया गया है।

कर्मचारी क्या करें?

नौकरी बदलते समय अपनी जॉइनिंग और रिलीविंग लेटर संभालकर रखें।

PF खाते में आधार से लिंक की गई जानकारियां अपडेट रखें।

अगर EPFO की तरफ से कोई स्पष्टीकरण मांगा जाए, तो डॉक्यूमेंट तुरंत जमा कराएं।

EPFO ने हाल में ही कई अनेक बदलाव किये हैं।

EPFO लगातार PF प्रक्रिया को आसान बना रहा है। हाल ही में ईपीएफओ पीए क्लेम के प्रोसेस को पहले से आसान बनाया है। इसमें डिजिटल माध्यम से क्लेम फाइल करना। अब क्रॉस कैंसिल चेक चेक या बैंक पासबुक की जरूरत नहीं होती। साथ ही ऑनलाइन क्लेम तेजी से निपटाए जा रहे हैं।

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