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क्या मोटर इंश्योरेंस का दावा करने के लिए पॉल्युशन सर्टिफिकेट अनिवार्य है?

सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 के तहत PUC सर्टिफिकेट को अनिवार्य बनाया है। इसके बाद से इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने भी इंश्योरेंस कंपनियों को पीयूसी सर्टिफिकेट के बगैर व्हीकल का इंश्योरेंस नहीं करने को कहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 11, 2022 पर 5:59 PM
क्या मोटर इंश्योरेंस का दावा करने के लिए पॉल्युशन सर्टिफिकेट अनिवार्य है?
गाड़ी चलाने के लिए 'पॉल्युशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट अनिवार्य है। इसका मकसद ज्यादा पॉल्युशन (Pollution) फैलाने वाली गांड़ियों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

गाड़ी चलाने के लिए 'पॉल्युशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट अनिवार्य है। यह नियम स्कूटर-मोटरसाइकिल के साथ ही कार के लिए भी है। इसका मकसद ज्यादा पॉल्युशन (Pollution) फैलाने वाली गांड़ियों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। अगर आप बगैर पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाते पाए जाते हैं तो इसे ट्रैफिक नियम का उल्लंघन माना जाएगा। इसके लिए आपको जुर्माना देना पड़ सकता है।

सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 के तहत PUC सर्टिफिकेट को अनिवार्य बनाया है। इसके बाद से इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने भी इंश्योरेंस कंपनियों को पीयूसी सर्टिफिकेट के बगैर व्हीकल का इंश्योरेंस नहीं करने को कहा है। इसका मतलब है कि व्हीकल का इंश्योरेंस रिन्यू कराते वक्त उसके ओनर के लिए पीएयूसी सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी है।

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इसका मतलब है कि इंश्योरेंस कंपनियां रिन्यूएल के वक्त पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर व्हीकल का बीमा करने से इनकार कर सकती हैं। लेकिन, बीमा कंपनियों के बीच बहुत ज्यादा प्रतियोगिता है। इस वजह से वे व्हीकल का बीमा रिन्यू करने के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट पर जोर नहीं देती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी एक वजह यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत हर व्हीकल का पीयूसी सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इस सर्टिफिकेट के होने पर ही गाड़ी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए बीमा कंपनियां यह मानकर चलती हैं कि अगर कोई ओनर कार का इंश्योरेंस रिन्यू करा रहा है तो उसके पास जरूर पीयूसी सर्टिफिकेट होगा।

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