Railway HBA Interest Rate FY 2026-27: भारतीय रेलवे में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर आई है। रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) की ब्याज दर का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
Railway HBA Interest Rate FY 2026-27: भारतीय रेलवे में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर आई है। रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) की ब्याज दर का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए आदेश के मुताबिक, अब रेलवे कर्मचारियों को अपना घर बनाने या खरीदने के लिए बेहद किफायती दरों पर लोन मिल सकेगा। आइए जानते हैं कि नई ब्याज दर क्या है, यह कब से लागू होगी और इस योजना का फायदा कर्मचारी कैसे उठा सकते हैं।
अब कितनी होगी HBA पर ब्याज दर?
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) पर ब्याज दर 7.1% प्रति वर्ष तय की गई है:
कब से कब तक लागू: यह नई ब्याज दर 1 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 के बीच स्वीकृत होने वाले सभी हाउस बिल्डिंग एडवांस पर प्रभावी रूप से लागू होगी।
मंत्रालय के नियमों को मंजूरी: रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 13 मई 2026 को जारी किए गए आधिकारिक मेमोरेंडम को अपना लिया है और इसे आवश्यक बदलावों के साथ रेलवे कर्मचारियों के लिए भी लागू कर दिया है।
क्या होता है हाउस बिल्डिंग एडवांस?
हाउस बिल्डिंग एडवांस केंद्र सरकार और रेलवे द्वारा अपने कर्मचारियों को दी जाने वाली एक बेहद खास और रियायती लोन सुविधा है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय मदद देना है ताकि वे बिना किसी भारी आर्थिक बोझ के अपने रहने के लिए घर की व्यवस्था कर सकें। बाजार में मिलने वाले सामान्य होम लोन के मुकाबले इसकी ब्याज दरें काफी कम होती हैं।
किन कामों के लिए मिल सकता है यह एडवांस?
रेलवे कर्मचारी इस HBA लोन का इस्तेमाल कई तरह की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं:
नियमों और पात्रता में कोई बदलाव नहीं
रेलवे बोर्ड ने अपने इस आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल ब्याज दर को ही 7.1% पर फिक्स किया गया है। इसके अलावा, योजना के अन्य महत्वपूर्ण नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है:
पात्रता: कर्मचारियों की सेवा अवधि, लोन की अधिकतम सीमा और लोन चुकाने की अवधि की शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी।
लोन की राशि: किसी भी कर्मचारी को कितना एडवांस मंजूर किया जाएगा, यह उसकी सैलरी, सर्विस रिकॉर्ड और खरीदी जा रही प्रॉपर्टी की कुल लागत से जुड़े सरकारी नियमों के आधार पर तय होता है।
कुल मिलाकर आपको बता दें कि रेलवे बोर्ड के इस फैसले से उन रेलवे कर्मियों को सीधा फायदा होगा जो इस साल (2026-27) अपना आशियाना बनाने की योजना तैयार कर रहे थे। 7.1% की कम ब्याज दर के कारण उनके होम लोन की ईएमआई का बोझ काफी कम हो जाएगा।
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