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राजपाल यादव को जेल! जानिए क्या हैं लोन चुकाने और चेक बाउंस के नियम, कब होती है सजा

Cheque Bounce Law: राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में 6 महीने की सजा मिली है। जानिए लोन न चुकाने और चेक बाउंस के कानून क्या कहते हैं, कब जेल हो सकती है और किन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Feb 12, 2026 पर 3:16 PM
राजपाल यादव को जेल! जानिए क्या हैं लोन चुकाने और चेक बाउंस के नियम, कब होती है सजा
1881 का Negotiable Instruments Act यह साफ बताता है कि चेक बाउंस कब अपराध माना जाएगा

Cheque Bounce Law: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामले में 6 महीने के जेल हुई है। राजपाल के खिलाफ यह मामला फिल्म 'अता-पता-लापता' से जुड़ा है। साल 2010 में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने इस फिल्म के लिए करीब पांच करोड़ रुपये दिए थे।

राजपाल यादव ने कर्ज के भुगतान के लिए कंपनी को कई चेक दिए, जो बाउंस हो गए। इसके कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद 2018 में दिल्ली की निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी।

चेक आज भी पैसे देने और लेने का एक भरोसेमंद तरीका माना जाता है, लेकिन जब खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता तो चेक बाउंस हो जाता है। भारत में चेक बाउंस के मामले अब भी बड़ी संख्या में अदालतों तक पहुंचते हैं।

1881 का Negotiable Instruments Act यह साफ बताता है कि चेक बाउंस कब अपराध माना जाएगा, शिकायत कैसे दर्ज होगी और किसकी क्या जिम्मेदारी होगी। इसकी धारा 138 से 143A तक सजा, जिम्मेदारी और ट्रायल की पूरी प्रक्रिया तय की गई है।

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