भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (FPBL) को स्मॉल फाइनेंस बैंक में कनवर्ट होने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस बारे में RBI की ओर से बयान जारी किया गया है। साथ ही फिनो ने भी शेयर बाजारों को इस बारे में बताया है। बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर 2023 के दौरान स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस पाने के लिए आवेदन किया था।
फिनो पेमेंट्स बैंक ने साल 2006 में एक पेमेंट्स टेक्नोलॉजी कंपनी के तौर पर शुरुआत की थी। धीरे-धीरे इसने भारत की फाइनेंशियल इंक्लूजन यात्रा में एक अहम भूमिका निभाई। फिनो साल 2020 में पहला प्रॉफिटेबल पेमेंट्स बैंक बना। 2021 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाला यह देश का पहला पेमेंट्स बैंक बना।
सितंबर के आखिर तक थी ₹2300 करोड़ से ज्यादा की जमा
फिनो पेमेंट्स बैंक की पेरेंट कंपनी Fino Paytech Ltd है। इसमें ICICI Group, BPCL, ब्लैकस्टोन, LIC, IFC जैसे दिग्गजों का निवेश है। सितंबर 2025 के आखिर तक फिनो ने 20 लाख से ज्यादा मर्चेंट्स के जरिए 1.6 करोड़ ग्राहकों को सर्विस दी। सितंबर के आखिर तक बैंक के पास 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमा थी।
एक्सचेंज फाइलिंग में फिनो ने कहा है कि वह स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंस के लिए 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी पाने वाला देश का पहला पेमेंट्स बैंक बन गया है। यह बड़ी उपलब्धि फिनो के कमिटमेंट, इनोवेशन और अपने काम को फोकस के साथ पूरा करने का नतीजा है। यह मंजूरी फिनो के सस्टेनेबल ऑपरेटिंग मॉडल, लगातार अच्छी परफॉर्मेंस और गवर्नेंस के हाई स्टैंडर्ड्स को लागू करने की ताकत और स्केलेबिलिटी का सबूत है।
केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा कि RBI ने प्राइवेट सेक्टर में स्मॉल फाइनेंस बैंकों को सदा सुलभ लाइसेंस देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे मौजूदा पेमेंट्स बैंक जिन्हें भारत के निवासी चलाते हैं और जिन्होंने 5 साल के ऑपरेशंस कंप्लीट कर लिए हैं, वे स्मॉल फाइनेंस बैंक में कनवर्ट होने के लिए पात्र हैं। फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के एप्लीकेशन का असेसमेंट, दिशानिर्देशों में बताए गए प्रोसीजर के हिसाब से किया गया।