RBI MPC Announcement 9 October 2024: पिछले कुछ दिनों में शेयर बाजार में जमकर निवेश हुआ है जिसका असर FD पर पड़ा है। लंबे समय से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने के कारण FD के रेट पर बहुत बड़ा कोई असर नहीं पड़ा है। FD की ब्याज दरें बहुत हद तक रेपो रेट पर निर्भर करती हैं। जब रेपो रेट बढ़ता है, तो एफडी की ब्याज दरें भी आमतौर पर बढ़ती हैं। जब रेपो रेट घजमटता है तो ब्याज दरें घटती हैं।
पिछले महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पॉलिसी रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कटौती के बाद अब सबकी नजरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर हैं। RBI कल 9 अक्टूबर 2024 को अपनी बैठक में रेपो रेट पर फैसला लेगा। अप्रैल 2023 से RBI ने रेपो रेट को 6.50% पर स्थिर रखा है। अगर RBI भी दरों में कटौती करता है, तो एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर कम हो सकती हैं। ऐसे में इन्वेस्टर्स के लिए बड़ा सवाल है कि अभी एफडी में निवेश करना सही होगा? खासकर तब जब ब्याज दरों में गिरावट की संभावना है।
अभी मिल रहा है 9 फीसदी तक का ब्याज
देश में कई समॉल फाइनेंस बैंक 9 फीसदी का ब्याज ऑफर कर रहे हैं। ऐसे में अगर RBI रेपो रेट को घटाता तो एफडी पर मिलने वाला ब्याज घट सकता है। सभी की निगाहें 9 अक्टूबर 2024 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की होने वाली मौद्रिक नीति समिति की घोषणा पर टिकी हैं। जहां इस बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना है।
अब बढ़ती ब्याज दरों का समय खत्म हो गया है या आम लोग एफडी की मौजूदा ब्याज दरों का फायदा उठा सकते हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि RBI ब्याज दरों में बदलाव करने की उम्मीद है। अगर रेपो रेट घटता है तो बैंक भी एफडी पर मिलने वाले ब्याज दर को घटा देंगे। कई छोटे फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन को एफडी पर 9.0% से 9.% ब्याज ऑफर कर रहे हैं। इनमें से एक यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन को एफडी पर 9% की ब्याज दर दे र रहा है। की पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर बैंक एफडी पर 8 फीसदी का ब्याज ऑफर कर रहे हैं।
क्या RBI बढ़ाएगा रेपो रेट?
रेपो रेट के आधार पर बैंकों एफडी की ब्याज दरें तय करती है। एफडी की ब्याज दरें और रेपो रेट लगभग साथ साथ चलती है। जब रेपो रेट बढ़ता है तो आमतौर पर एफडी पर ब्याज दरें भी बढ़ जाती हैं। इसी तरह जब केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कटौती करता है, तो एफडी की दरें भी कम हो जाती हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक एफडी पर मिलने वाला ब्याज RBI के फैसले पर निर्भर नहीं करता है। बैंक की अपनी कॉस्ट भी एफडी की ब्याज दरें तय करने का काम करती है।